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तीन दिन पहले ही अमित बने थे पिता, पश्चिमी सिंहभूम में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में हो गये शहीद

Updated at : 17 Aug 2023 8:58 AM (IST)
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तीन दिन पहले ही अमित बने थे पिता, पश्चिमी सिंहभूम में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में हो गये शहीद

मोबाइल फोन पर अपने बेटे की तस्वीर देखने के बाद से ही अमित बेटे से मिलने को बेकरार थे और छुट्टी लेने के लिए प्रयासरत थे. गौरतलब है कि 14 अगस्त की शाम 7:00 बजे तुंबाहाका जंगल में सर्च ऑपरेशन से लौट रहे जवान अपने कैंप से करीब 100 मीटर की दूरी पर थे

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रांची/चाईबासा/विश्रामपुर. पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो थाना क्षेत्र के तुंबाहाका जंगल में नक्सलियों के साथ 14 अगस्त को हुई मुठभेड़ में शहीद हुए झारखंड जगुआर के दारोगा अमित कुमार तिवारी (39) और कांस्टेबल गौतम कुमार (26) शहीद हो गये. बुधवार को दारोगा अमित का अंतिम संस्कार पलामू के रेहला थाना क्षेत्र में उनके पैतृक गांव तोलरा स्थित कोयल नदी के तट पर किया गया. मुखाग्नि उनके पिता देवेंद्र तिवारी ने दी. इस पूरे घटनाक्रम का सबसे दुखद पहलू यह है कि शहीद अमित कुमार तिवारी की पत्नी ने घटना से तीन दिन पहले ही बेटे को जन्म दिया था.

मोबाइल फोन पर अपने बेटे की तस्वीर देखने के बाद से ही अमित बेटे से मिलने को बेकरार थे और छुट्टी लेने के लिए प्रयासरत थे. गौरतलब है कि 14 अगस्त की शाम 7:00 बजे तुंबाहाका जंगल में सर्च ऑपरेशन से लौट रहे जवान अपने कैंप से करीब 100 मीटर की दूरी पर थे. तभी नक्सलियों ने घात लगा कर उन पर हमला कर दिया था. नक्सलियों की ओर से की गयी अंधाधुंध फायरिंग में दोनों शहीद हो गये. पुलिस ने भी जवाबी हमला किया. दोनों ओर से काफी देर तक फायरिंग होती रही. बाद में नक्सली घने जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले. बताया जा रहा है कि इस हमले को भाकपा माओवादी के शीर्ष नेता मिसिर बेसरा के दस्ते ने अंजाम दिया है.

रिम्स में हुआ शवों का पोस्टमार्टम : नक्सली हमले में शहीद हुए दारोगा अमित कुमार तिवारी और कांस्टेबल गौतम कुमार का पार्थिव शरीर मंगलवार दोपहर हेलीकॉप्टर के जरिये रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर लाया गया़ यहां दोनों के पार्थिव शरीर को दो अलग-अलग एंबुलेंस से रिम्स लाया गया.

पलामू के रहनेवाले थे अमित तिवारी :

झारखंड जगुआर-2012 बैच के सब-इंस्पेक्टर अमित कुमार तिवारी पलामू के रेहला थाना क्षेत्र के तोलरा गांव के रहनेवाले थे. वे खूंटी जिले के तोरपा थाना में थाना प्रभारी के रूप में योगदान दे चुके थे. उनके पिता देवेंद्र तिवारी पेशे से किसान हैं. उनके चाचा निरंजन तिवारी और सुनील तिवारी भी इंस्पेक्टर हैं. परिजनों ने कहा कि बेटे की शहादत पर गर्व है, लेकिन उसे खोने का गम भी है.

बिहार के भोजपुर के रहनेवाले थे गौतम, पिता की जगह मिली थी नौकरी :

नक्सलियों के हमले में शहीद हुए कांस्टेबल गौतम कुमार बिहार के भोजपुर जिला के शाहपुर थाना क्षेत्र स्थित ग्राम रंडाडीहा के निवासी थे. उनके पिता भी पुलिस की नौकरी में थे. वर्ष 2012 में उनके निधन के बाद गौतम को उनकी जगह पर नौकरी मिली थी.

मिसिर बेसरा समेत कई इनामी नक्सली क्षेत्र में सक्रिय : एसपी

पश्चिमी सिंहभूम जिला के एसपी आशुतोष शेखर ने बताया कि भाकपा (माओवादी) के शीर्ष नेता मिसिर बेसरा, रमेश उर्फ अनल, अजय महतो, अनमोल, मोछू, चमन, कांडे, सागेन अंगरिया, अश्विन अपने दस्ता के साथ क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे कोल्हान क्षेत्र में विध्वंसक गतिविधि को अंजाम देने के लिए घूम रहे हैं. इनके विरुद्ध कारगर कार्रवाई की जा रही है.

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