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Political news : बारूद के ढेर पर बैठा है झारखंड, जमाई टोला सबसे बड़ा खतरा : गिरिराज सिंह

Updated at : 26 Jun 2025 10:00 PM (IST)
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Political news : बारूद के ढेर पर बैठा है झारखंड, जमाई टोला सबसे बड़ा खतरा : गिरिराज सिंह

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि झारखंड में आपातकाल से भी भयावह स्थिति है

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रांची.

केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने हेमंत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज झारखंड बारूद के ढेर पर बैठा है. जमाई टोला सबसे बड़ा खतरा है. यहां आपातकाल से भी भयावह स्थिति है. देश से घुसपैठियों को बाहर करने का काम किया जा रहा है. उन्हें चिह्नित किया जा रहा है, लेकिन झारखंड में इनके लिए रेड कार्पेट बिछाया जा रहा है. वे गुरुवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि आदिवासी आबादी घट रही है. उनके अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है. आदिवासी समाज बचेगा, तभी तो नेता बनेंगे. हेमंत सरकार सत्ता के लोभ में घुसपैठियों को संरक्षण देकर आपातकाल से भी ज्यादा खतरनाक खेल खेल रही है. झारखंड में आजादी की तीसरी लड़ाई लड़नी पड़ेगी. कहा : हेमंत सरकार ने अब तक पेसा कानून लागू नहीं किया है. यह कानून आदिवासियों की परंपरा व संस्कृति को बचाने का कानून है. जल, जंगल व जमीन पर अधिकार दिलाने का कानून है. आज राज्य के युवाओं को दलगत भावना से ऊपर उठकर झारखंड को बचाने के लिए चिंता करनी चाहिए.

लोकतंत्र व वंशवाद एक-दूसरे के पूरक नहीं हो सकते

मंत्री श्री सिंह ने कहा कि 50 साल पहले इंदिरा गांधी ने देश में इमरजेंसी लगाकर लोकतंत्र की हत्या की थी. देश की युवा पीढ़ी को आज जानने की जरूरत है कि क्यों लोकतंत्र को मारने की कोशिश की. आपातकाल लगाने वाली प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी वंशवाद की उपज थी. लोकतंत्र और वंशवाद एक-दूसरे के पूरक नहीं हो सकते. कहा : इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 की रात देश में आपातकाल लगा दिया गया. लाखों लोगों को बिना कसूर के गिरफ्तार किया गया. दो लाख से अधिक नेताओं की गिरफ्तारी की गयी. अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी, राज नारायण समेत झारखंड के कड़िया मुंडा जैसे कई नेता गिरफ्तार किये गये. महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया. 20 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को निरस्त कर दिया गया.

कांग्रेस को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए

मंत्री ने कहा कि आज भले ही मस्जिदों से कांग्रेस पार्टी के पक्ष में फतवा जारी होता है. लेकिन, आपातकाल में मस्जिदों को भी नहीं बख्शा गया था. पकड़-पकड़ कर नसबंदी की जा रही थी. आज राहुल गांधी जो किताब लेकर घूम-घूम कर संविधान बचाने की दुहाई देते हैं, उन्हें अपना इतिहास पढ़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को हठधर्मिता छोड़ कर 25 जून को देश भर में सभा कर जनता से माफी मांगनी चाहिए.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAJIV KUMAR

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