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Jharkhand News: रांची के पल्स अस्पताल ने आखिर कैसे बढ़ा दिया झारखंड की IAS अधिकारी पूजा सिंघल का पल्स रेट

बरियातू स्थित पल्स हॉस्पिटल ने आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल का पल्स रेट बढ़ा दिया है. ईडी द्वारा गिरफ्तारी के बाद पूजा सिंघल का पल्स और बीपी दोनों बिगड़ गया है. पूजा सिंघल ने अपनी काली कमाई से पल्स हॉस्पिटल का निर्माण वर्ष 2019 में किया था. इसका संचालन वर्ष 2020 से शुरू हुआ.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
Jharkhand News: रांची का पल्स हॉस्पिटल
Jharkhand News: रांची का पल्स हॉस्पिटल
फोटो : राज कौशिक

Jharkhand News: झारखंड की राजधानी रांची के बरियातू स्थित पल्स हॉस्पिटल ने आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल का पल्स रेट बढ़ा दिया है. ईडी द्वारा गिरफ्तारी के बाद पूजा सिंघल का पल्स और बीपी दोनों बिगड़ गया है. पूजा सिंघल ने अपनी काली कमाई से पल्स हॉस्पिटल का निर्माण वर्ष 2019 में किया था. इसका संचालन वर्ष 2020 से शुरू हुआ. जिस भूमि पर अस्पताल का निर्माण किया गया है, वह भी भुईंहरी प्रकृति की जमीन है. बाद में उसी जमीन पर नगर निगम की ओर से भवन का नक्शा भी पास हो गया और उस पर बैंक ने 23 करोड़ रुपये लोन भी दे दिया.

जमीन का नहीं हुआ है म्यूटेशन

भुईंहरी जमीन पर पल्स हॉस्पिटल के निर्माण की पुष्टि रांची के एसी व सीओ की जांच में हुई थी. इसके बाद म्यूटेशन के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन तत्कालीन बड़गाईं सीओ ने उसे रिजेक्ट कर दिया था. रिजेक्ट करने का आधार भूमि सर्वे खतियान भुईंहरी बताया गया था. इसके बाद से अभी तक जमीन का म्यूटेशन नहीं हुआ है.

300 से ज्यादा कर्मचारियों का भविष्य दांव पर

ईडी की कार्रवाई के बाद पल्स हॉस्पिटल में सेवा देने वाले 300 से ज्यादा कर्मचारियों का भविष्य दांव पर लग गया है. कर्मचारियों को इस बात की चिंता सता रही है कि अगर अस्पताल बंद हो गया, तो उनकी नौकरी चली जायेगी. उनका परिवार अचानक रोड पर आ जायेगा. सबसे ज्यादा चिंता छोटे कर्मचारियों की है, क्योंकि ऐसे समय में उन्हें नौकरी मिलना मुश्किल हो जायेगा.

सरकार के पत्र की रजिस्टर में इंट्री नहीं

वर्ष 2020 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बरियातू स्थित पल्स अस्पताल की जमीन से संबंधित मिली शिकायत के आलोक में जांच का आदेश दिया था. इसके बाद भू-राजस्व विभाग की ओर से पत्र लिख कर इस मामले की जांच रिपोर्ट रांची डीसी व एसी से मांगी गयी थी. पत्र देखने के बाद डीसी ने तत्कालीन अपर समाहर्ता (एसी) के पास उसे भेज दिया था, लेकिन एसी कार्यालय के रजिस्टर में इसकी इंट्री ही नहीं हुई. इस कारण मामला यहीं पर दब कर रह गया. इधर, सरकार के पत्र की खोज पिछले दो दिनों से एसी कार्यालय द्वारा की जा रही है. वर्ष 2019 से 2022 तक के सभी लेटर की खोज के लिए सात अलमारी को खंगाला गया. आज गुरुवार को इस अलमारी को खोल कर यहां के सारे रजिस्टर की जांच की जा रही है. आपको बता दें कि पत्र गायब होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए रांची डीसी ने इस मामले में विस्तृत जानकारी एसी से मांगी है.

Posted By : Guru Swarup Mishra

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Published Date

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