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झारखंड हाइकोर्ट ने हेमंत सोरेन सरकार से पूछा, अच्छे डॉक्टर व मेडिकल स्टाफ के बावजूद रिम्स की स्थिति बदतर क्यों

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
झारखंड हाइकोर्ट ने राज्य सरकार से स्वास्थ्य व्यवस्था पर पूछे कई सवाल.
झारखंड हाइकोर्ट ने राज्य सरकार से स्वास्थ्य व्यवस्था पर पूछे कई सवाल.
Prabhat Khabar

रांची : झारखंड में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के मामलों से संबंधित एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाइकोर्ट ने हेमंत सोरेन से कई सवाल किये हैं. कोर्ट ने पूछा है कि जब रिम्स में इतने अच्छे डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ मौजूद हैं, लोग अपनी क्षमता से काम कर रहे हैं, तो सूबे के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल की स्थिति इतनी बदतर क्यों है.

झारखंड हाइकोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शुक्रवार को कोरोना वायरस (कोविड-19) के बढ़ते संक्रमण पर स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को अद्यतन विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया. चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए माैखिक टिप्पणी की कि अच्छे डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ व मेडिकल स्टाफ के बावजूद रिम्स की स्थिति बदतर क्यों है.

कोर्ट ने सरकार से पूछा कि आखिर कमी कहां है. चिकित्सक और मेडिकल स्टाफ रात-दिन काम कर रहे हैं. अपनी-अपनी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं. हर व्यक्ति की अपनी क्षमता होती है. चिकित्सक, नर्स व अन्य स्टाफ की कितनी वैकेंसी रिम्स में है. नियमित निदेशक क्यों नहीं है. कितने स्वीकृत पद हैं और कितने भरे हुए हैं. यदि पद खाली रहेंगे, तो काम कैसे होगा.

खंडपीठ ने कहा कि जब मामले की शुरुआत हुई थी, तो उस समय केस कम थे. कुछ साै केस ही थे. आज की परिस्थिति बदल गयी है. आज केस लगातार बढ़ रहे हैं. संक्रमण का ट्रेंड नीचे नहीं आ रहा है. जब महामारी आती है, तो छोटा-बड़ा नहीं देखती. कोई भी संक्रमित हो सकता है. खंडपीठ ने यह भी कहा कि राज्य में एक-दो ऐसा अस्पताल होना चाहिए, जो हर तरह की आधुनिक चिकित्सा सुविधाअों से लैस हो.

खंडपीठ ने आगे कहा कि पहले रिम्स को देखते हैं, उसके बाद राज्य के अन्य अस्पतालों को देखा जायेगा. रिम्स की ओर से अधिवक्ता डॉ अशोक कुमार सिंह ने पक्ष रखा. वहीं, एमीकस क्यूरी अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा ने भी अपना पक्ष रखा. उन्होंने बताया कि कोरोना का संक्रमण बढ़ता जा रहा है. उल्लेखनीय है कि अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा ने करोना वायरस के संक्रमण से निबटने की तैयारियों में कमी को लेकर चीफ जस्टिस को पत्र लिखा था. हाइकोर्ट ने पत्र को जनहित याचिका में तब्दील कर दिया था.

Posted By : Mithilesh Jha

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