मां छिन्नमस्तिका मंदिर मामले में हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा स्टेटस रिपोर्ट, कहा - फंड की कमी नहीं थी तो अप्रसाद स्कीम क्यों?

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झारखंड हाईकोर्ट की फाइल फोटो.

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झारखंड हाईकोर्ट ने रामगढ़ के रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार और विकास पर राज्य सरकार से विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट मांगी है. कोर्ट ने फंड की व्यवस्था और पिछली सुनवाई में दिए गए आश्वासनों पर सरकार के रुख पर सवाल उठाए हैं. मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को तय की गई है.

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Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट ने रामगढ़ स्थित रजरप्पा के प्रसिद्ध मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार और बुनियादी सुविधाओं के विकास से जुड़े अवमानना मामले में राज्य सरकार से विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट मांगी है. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार के पक्ष को सुनने के बाद अगली सुनवाई तक प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया. न्यायालय ने इस दौरान सरकार के बदलते रुख पर भी सवाल उठाए और कहा कि पहले पर्यटन सचिव ने अदालत को बताया था कि फंड की कोई कमी नहीं है, जबकि अब केंद्र सरकार की प्रसाद स्कीम के तहत राशि मांगने की बात कही जा रही है.

कोर्ट ने सरकार से पूछा अहम सवाल

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के तर्क पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पहले अदालत को यह जानकारी दी गई थी कि मंदिर परिसर के विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है. ऐसे में अब केंद्र सरकार की प्रसाद स्कीम से फंड मांगने की बात सामने आने पर अदालत ने इस बदलाव पर सवाल उठाया. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस संबंध में अगली सुनवाई तक स्थिति स्पष्ट करते हुए स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की जाए.

प्रसाद स्कीम से राशि मांगने की जानकारी

राज्य सरकार की ओर से सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर के विकास के लिए केंद्र सरकार की प्रसाद स्कीम के तहत राशि मांगी जाएगी. सरकार ने इस योजना के माध्यम से आवश्यक वित्तीय सहायता प्राप्त करने की बात कही. हालांकि अदालत ने इस दलील के बीच पहले दिए गए आश्वासन का भी उल्लेख किया और प्रगति का ब्यौरा पेश करने का निर्देश दिया.

रामगढ़ के उपायुक्त कोर्ट में रहे मौजूद

मामले की सुनवाई के दौरान रामगढ़ के उपायुक्त भी अदालत में उपस्थित रहे. मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े इस मामले को हाईकोर्ट गंभीरता से देख रहा है, क्योंकि यह पहले पारित आदेशों के अनुपालन से जुड़ा अवमानना मामला है.

अवमानना याचिका में अनुपालन की मांग

उल्लेखनीय है कि प्रार्थी संजीव कुमार सिंह ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर जनहित याचिका में पारित आदेशों का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है. याचिका में कहा गया है कि मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार और आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर पहले दिए गए न्यायालय के निर्देशों का अपेक्षित अनुपालन नहीं हुआ है.

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17 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 17 सितंबर की तारीख तय की है. तब तक राज्य सरकार को मंदिर परिसर के विकास कार्यों, फंड की व्यवस्था और पूर्व आदेशों के अनुपालन से संबंधित विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश करनी होगी. कोर्ट की अगली सुनवाई में सरकार की प्रगति और उसके दावों की समीक्षा की जाएगी.

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