Jharkhand Gaurav Samman: प्रभात खबर पर है लोगों का भरोसा और विश्वास, बोले राज्यपाल संतोष गंगवार
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 30 Aug 2024 10:56 PM
मंजू कच्छप को सम्मानित करते राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार समेत अन्य अतिथि
Jharkhand Gaurav Samman of Prabhat Khabar: प्रभात खबर के 40वें स्थापना दिवस पर होटल रेडिशन ब्लू में झारखंड गौरव सम्मान का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य करनेवाले झारखंड के ऐसे लोग, जिन्होंने अपनी अलग पहचान बनायी है, को सम्मानित किया गया. समारोह के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, केंद्रीय मंत्री संजय सेठ, प्रभात खबर के पूर्व प्रधान संपादक और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, प्रभात खबर के प्रधान संपादक आशुतोष चतुर्वेदी, कार्यकारी निदेशक आरके दत्ता व अन्य ने संबोधित किया.
अंजनी कुमार सहाय को प्रभात खबर ने दिया झारखंड गौरव सम्मान

झारखंड गौरव सम्मान ग्रहण करते अंजनी कुमार सहाय.
Live coverage
सीएमपीडीआई के शशि भूषण को झारखंड गौरव सम्मान

सीएमपीडीआई के शशि भूषण ने राज्यपाल के हाथों लिया झारखंड गौरव सम्मान.
डॉ विकास केसरी को झारखंड गौरव सम्मान

झारखंड गौरव सम्मान लेते डॉ विकास केसरी.
सुषमा असुर को झारखंड गौरव सम्मान

झारखंड गौरव सम्मान ग्रहण करतीं सुषमा असुर.
नंदलाल नायक को झारखंड गौरव सम्मान

झारखंड गौरव सम्मान ग्रहण करते नंदलाल नायक.
डॉक्टर मयंक मुरारी को झारखंड गौरव सम्मान

झारखंड गौरव सम्मान ग्रहण करते डॉक्टर मयंक मुरारी.
मंजू कच्छप को झारखंड गौरव सम्मान

झारखंड गौरव सम्मान ग्रहण करतीं मंजू कच्छप.
झारखंड पुलिस साइबर सेल को झारखंड गौरव सम्मान

झारखंड गौरव सम्मान ग्रहण करते साइबर सेल के पदाधिकारी.
अरुण उरांव को झारखंड गौरव सम्मान

झारखंड गौरव सम्मान ग्रहण करते डॉ अरुण उरांव.
अंजनी कुमार सहाय को प्रभात खबर ने दिया झारखंड गौरव सम्मान

झारखंड गौरव सम्मान ग्रहण करते अंजनी कुमार सहाय.
जनसमस्याओं को उजागर करता रहे प्रभात खबर : राज्यपाल
झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि प्रभात खबर जनसमस्याओं को उजागर करता रहे, ताकि हमारी जनजातीय आबादी की समस्याओं का समाधान हो सके.
जेल में रहने के बाद अखबार का महत्व जाना : राज्यपाल
संतोष गंगवार ने कहा कि आपातकाल के दौरान एक साल जेल में रहने के बाद अखबार का महत्व समझ आया. उन्होंने कहा कि प्रभात खबर अखबार ही नहीं, सुख-दुख बताने का माध्यम रहा है.
प्रभात खबर पर लोग भरोसा और विश्वास करते हैं, बोले राज्यपाल संतोष गंगवार
झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि जब से मैं यहां आया हूं, उसके बाद से मुझे यही पता चला है कि प्रभात खबर पर लोग भरोसा और विश्वास करते हैं.
प्रभात खबर ने हमेशा लोगों के मुद्दे पर काम किया : आरके दत्ता
प्रभात खबर के कार्यकारी निदेशक आरके दत्ता ने कहा कि हमने हमेशा आम लोगों के मुद्दे पर काम किया. उनके विषयों को गंभीरता से अखबार में उठाया.
एक बंद हो रहा अखबार राज्य का सबसे बड़ा अखबार बना : आरके दत्ता
प्रभात खबर के कार्यकारी निदेशक आरके दत्ता ने कहा कि 1984 में शुरू हुए अखबार की महज 600 प्रतियां वर्ष 1989 में छपती थी. आज यह झारखंड का सबसे बड़ा अखबार बन चुका है. झारखंड के साथ-साथ बिहार और पश्चिम बंगाल में हमारा विस्तार हुआ. हमने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करवाई.
हम विश्वसनीय अखबार हैं : आरके दत्ता
आरके दत्ता ने कहा कि हम विश्वसनीय अखबार हैं. अफवाहों को तवज्जो नहीं देते. हम रिस्पांसिबल मीडिया हैं.
बड़े-बड़े कॉर्पोरेट घरानों से लोहा लिया : आरके दत्ता
नई सहस्राब्दि में प्रभात खबर के सामने कई बड़ी चुनौतियां आईं. बड़े-बड़े कॉर्पोरेट घराने झारखंड और बिहार में आए. लेकिन, प्रभात खबर की टीम ने पूरे समर्पण भाव से काम किया और उनका मुकाबला करके अपनी साख बनाए रखी. आज भी हम झारखंड में सबसे ज्यादा बिकने वाले अखबार हैं. प्रभात खबर के कर्मचारियों, पत्रकारों के पैसन और डेडिकेशन ने अखबार को हमेशा आगे रखा.
एक बंद हो रहा अखबार राज्य का सबसे बड़ा अखबार बना : आरके दत्ता
प्रभात खबर के कार्यकारी निदेशक आरके दत्ता ने कहा कि 1984 में शुरू हुए अखबार की महज 600 प्रतियां वर्ष 1989 में छपती थी. आज यह झारखंड का सबसे बड़ा अखबार बन चुका है. झारखंड के साथ-साथ बिहार और पश्चिम बंगाल में हमारा विस्तार हुआ. हमने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करवाई.
घूस को घूसा का अभियान अब तक किसी अखबार ने नहीं चलाया : संजय सेठ
भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए प्रभात खबर ने ‘घूस को घूसा’ अभियान चलाया. यह अपने आप में अनूठा अभियान था. आज तक किसी अखबार ने ऐसा अभियान नहीं चलाया.

प्रभात खबर को एक लाख पेड़ लगाने के लिए धन्यवाद
रांची के सांसद और केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने प्रभात खबर को एक लाख पेड़ लगाने के लिए धन्यवाद दिया. कहा कि एक पेड़ मां के नाम किसी पार्टी का अभियान नहीं था. यह देश का अभियान था. इसमें प्रभात खबर ने अपनी भूमिका निभाई.
एक दिन अखबार छूट जाए, तो खाना डाइजेस्ट नहीं होता
केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने कहा कि प्रभात खबर अखबार नहीं आंदोलन है. उन्होंने कहा कि एक दिन अखबार छूट जाए, तो खाना डाइजेस्ट नहीं होता.
एक दिन में 2500 बार लोग अपने फोन के स्क्रीन को टच करते हैं
प्रधान संपादक आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा कि एक अखबार की कीमत 16 रुपए होती है. पाठक एक कटिंग चाय की कीमत 7 रुपए दे सकते हैं, लेकिन अखबार के लिए 1 रुपया खर्च करने में सोचते हैं. 2500 बार लोग अपने स्क्रीन को दिनभर में टच करते हैं.
झारखंड गौरव सम्मान: मृणाल बक्शी को किया जाएगा सम्मानित
मृणाल बक्शी मशहूर शेफ हैं. उनका जन्म जमशेदपुर में हुआ और वे यहीं पले बढ़े.
झारखंड गौरव सम्मान: डॉ मयंक मुरारी को किया जाएगा सम्मानित
डॉ मयंक मुरारी अधुनिक समय में भारतीय समाज, साहित्य, इतिहास, परंपरा और दर्शन विषय पर लिखते हैं.
झारखंड गौरव सम्मान: डॉ मैरी को किया जाएगा सम्मानित
डॉ मैरी गोड्डा जिले के लालमटिया के डकैता गांव मकी रहने वालीं हैं. वह सेंट लुकस हॉस्पिटल में चिकित्सा पदाधिकारी के रूप में कार्यरत हैं.
झारखंड गौरव सम्मान: मंजू कच्छप को किया जाएगा सम्मानित
मंजू कच्छप नगड़ी प्रखंड की देवरी गांव की रहने वालीं हैं. कुशल महिला कृषक के रूप में उनकी पहचान है.
झारखंड गौरव सम्मान: डोमनिक बाड़ा को किया जाएगा सम्मानित
डोमनिक बाड़ा मूल रूप से गुमला के निवासी हैं. उनकी संस्था विकास मैत्री आदिवासी समाज के लिए सालों से काम कर रहा है.
झारखंड गौरव सम्मान: डीएनएस आनंद को किया जाएगा सम्मानित
डीएनएस आनंद पत्रकार एवं विज्ञान संचारक हैं. इन्होंने अंधविश्वास विरोधी अभियान का भी संचालन किया.
झारखंड गौरव सम्मान: प्रो अशोक प्रियदर्शी को किया जाएगा सम्मानित
प्रो अशोक प्रियदर्शी वरिष्ठ साहित्यकार हैं. उन्होंने कई पुस्तकों का लेखन किया है.
झारखंड गौरव सम्मान: डॉ अरुण उरांव को किया जाएगा सम्मानित
डॉ अरुण उरांव पंजाब कैडर के आइपीएस अधिकारी रहे हैं. वे वीआरएस लेकर झारखंड लौटे. अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के बैनर तले समाज सेवा शुरू की.
झारखंड गौरव सम्मान: अंजनी कुमार सहाय को किया जाएगा सम्मानित
अंजनी कुमार सहाय बरियातू(रांची) में पले-बढ़े व रांची विवि में मानवशास्त्र विभाग के प्रोफेसर रहे डॉ केएन सहाय के पुत्र है. वे साल 2003 बैच के भारतीय विदेश सेवा (आइएरएफ)के अधिकारी हैं.
प्रभात खबर का झारखंड गौरव सम्मान शुरू
कार्यक्रम दिन के दो बजे से शुरू चुका है. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यपाल संतोष गंगवार हैं. विशिष्ट अतिथि के रूप में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश और रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ मौजूद हैं. इस मौके पर प्रभात खबर की स्थापना के 40 वर्ष पूरे होने पर एक डाक टिकट भी जारी किया जायेगा.
लेखक के बारे में
By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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