झारखंड में भी मिलेगा पिछड़ों को 27 प्रतिशत आरक्षण, शुरू हो चुकी है प्रक्रिया, सरकार ने सदन में दिया जवाब

Updated:
विज्ञापन
झारखंड में भी मिलेगा पिछड़ों को 27 प्रतिशत आरक्षण, शुरू हो चुकी है प्रक्रिया, सरकार ने सदन में दिया जवाब

झारखंड में पिछड़ी जातियों को भी 27 प्रतिशत आरक्षण देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. मॉनसून सत्र में सरकार ने इसका जवाब देते हुए आश्वासन दिया कि जो जातियां सूची में छूट गयी हैं, उन्हें सूचीबद्ध किया जायेगा. और इसके समीति का गठन भी जल्द कर लिया जाएगा.

विज्ञापन

रांची : राज्य में पिछड़ी जातियों को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के मुद्दे पर उठाये गये सवाल पर सरकार की ओर से कहा गया है कि इसकी प्रक्रिया चल रही है. शीघ्र ही इसे पूरा कर लिया जायेगा. ओबीसी को आरक्षण का सवाल माॅनसून सत्र में भी उठाया गया था. उस वक्त सरकार ने आश्वासन दिया था कि ओबीसी की जो जातियां सूची में छूट गयी हैं, उन्हें सूचीबद्ध किया जायेगा.

ओबीसी को आरक्षण देने का मुद्दा वर्षों से पड़ा हुआ था, लेकिन अब इसे जल्द ही निबटाया जायेगा. इसके लिए समिति का गठन भी जल्द किया जायेगा. इस आश्वासन के जवाब में सरकार ने शीतकालीन सत्र में प्रक्रिया जारी रहने की बात कही है. यह जानकारी विधानसभा में पेश एटीआर में दी गयी है.

सरकार ने देवघर विद्यापीठ के शैक्षणिक प्रमाण पत्र पर नियुक्त लोगों की प्रोन्नति व उनकी बर्खास्तगी से संबंधित सवाल के जवाब में कहा कि 2014 के बाद विद्यापीठ के शैक्षणिक प्रमाण पत्र पर किसी विभाग में नियुक्ति नहीं की गयी है. पहले से नियुक्त कर्मचारियों को प्रोन्नति भी नहीं दी जायेगी. मॉनसून सत्र में सरकार ने कुल आठ आश्वासन दिये थे. जिन विभागों से संबंधित आश्वासन दिये गये थे, उसमें उच्च तकनीकी शिक्षा, कार्मिक, खान-भूतत्व, पेयजल, वन पर्यावरण, स्वास्थ्य-चिकित्सा से जुड़े सवाल शामिल किये गये थे.

आज पेश होगा लगभग तीन हजार करोड़ का अनुपूरक बजट

विधानसभा के शीतकालीन सत्र में शुक्रवार को सरकार चालू वित्तीय वर्ष के लिए द्वितीय अनुपूरक बजट पेश करेगी. करीब तीन हजार करोड़ रुपये का द्वितीय अनुपूरक बजट होने का अनुमान है. द्वितीय अनुपूरक में केंद्रीय व केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए राशि का प्रावधान किये जाने और झारखंड आकस्मिकता निधि से लिये गये अग्रिम की भरपाई के लिए राशि का प्रावधान किये जाने का अनुमान है. द्वितीय अनुपूरक बजट में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए भी राशि का प्रावधान किया जा सकता है.

Posted By : Sameer Oraon

विज्ञापन
समीर उरांव

लेखक के बारे में

By समीर उरांव

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola