हत्या मामले के सजायाफ्ताओं की अपील पर सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 20 Nov 2024 12:24 AM
28 साल बाद अपील पर हाइकोर्ट 29 नवंबर को सुनायेगा अपना फैसला
रांची. झारखंड हाइकोर्ट ने वर्ष 1993 में सिर्फ 200 रुपये के लिए हुई हत्या मामले के सजायाफ्ताओं की ओर से दायर अपील याचिका पर सुनवाई की. जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय व जस्टिस अरुण कुमार राय की खंडपीठ ने सुनवाई के दाैरान पक्ष सुना. मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद खंडपीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. अब खंडपीठ 29 नवंबर को अपना फैसला सुनायेगी. इससे पूर्व खंडपीठ द्वारा मामले में नियुक्त एमीकस क्यूरी अधिवक्ता टीएन वर्मा ने पैरवी की. उन्होंने पक्ष रखते हुए पूरी घटना का वर्णन किया. उन्होंने खंडपीठ को बताया कि वर्ष 1993 में जसीडीह थाना क्षेत्र की यह घटना है, जिसमें लोन के रूप में दिये गये 200 रुपये मांगने पर हत्या कर दी गयी थी. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी लखन पंडित, जमादार पंडित, लखी पंडित, किशुन पंडित ने क्रिमिनल अपील याचिका दायर की थी. छह जून 1997 को देवघर की निचली अदालत ने आरोपी लखन पंडित, जमादार पंडित, लखी पंडित, किशुन पंडित को दोषी पाने के बाद आजीवन कारावास की सजा सुनायी थी. पटना हाइकोर्ट में क्रिमिनल अपील याचिका दायर कर सजा को चुनाैती दी थी. पटना हाइकोर्ट ने 1997 में अपीलकर्ताओं को जमानत दे दी. ये सभी जमानत पर हैं. झारखंड राज्य गठन के बाद क्रिमिनल अपील याचिका, पटना हाइकोर्ट से झारखंड हाइकोर्ट में ट्रांसफर हो गया. अपील की सुनवाई में प्रार्थियों की ओर से कोई अधिवक्ता उपस्थित नहीं होता था. इसके बाद कोर्ट ने अंतत: अधिवक्ता टीएन वर्मा को एमीकस क्यूरी नियुक्त किया. क्या है मामला : नुनूलाल महतो ने 200 रुपये लोन के रूप में लखन पंडित को दिया था. लखन पंडित ने कहा था कि वह खेती बारी शुरू होने पर आपके खेत में काम कर रुपये लाैटा देगा, लेकिन उसने काम नहीं किया और न ही रुपये लाैटाये. तीन सितंबर 1993 को नुनूलाल महतो बिसवरिया गांव के लखन पंडित से पैसा मांगे जाने की बात कह कर घर से निकला था, लेकिन वह खाने के समय तक नहीं लाैटा. इसके बाद पुत्र भैरव महतो बिसवरिया गांव पहुंचा, तो उसने देखा कि उसके पिता नुनूलाल महतो को टांगी-लाठी लिये हुए लोग घेरे हुए थे. लोगों ने भैरव महतो को खदेड़ कर भगा दिया. भाग कर भैरव गांव पहुंचा और घटना की जानकारी चाचा को दी. चाचा ने सुबह जाने की बात कही. सुबह होने पर भैरव, चाचा व अन्य लोगों के साथ बिसवरिया गांव की ओर रवाना हुए. गांव की सीमा के पास नुनूलाल महतो का शव पड़ा मिला. मामले को लेकर मृतक के पुत्र भैरव ने जसीडीह थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
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