ePaper

EJN के वर्कशॉप में बोले मणि भूषण झा- कोयला क्षेत्र के 3 लाख की नौकरी जाएगी, सोलर एनर्जी देगा 13 लाख जॉब्स

Updated at : 24 Apr 2025 8:18 PM (IST)
विज्ञापन
EJA Workshop on Renewable Energy Ranchi mani bhushan jha

वर्कशॉप को संबोधित करते मणि भूषण झा (सबसे बायें) और देश भर से आये पत्रकार.

EJN Workshop on Renewable Energy Ranchi: अर्थ जर्नलिज्म नेटवर्क के तहत आयोजित 3 दिवसीय कम्यूनिकेटर्स वर्कशॉप ऑन रिन्यूवेबल एनर्जी’ में बोधि सेंटर फॉर सस्टनेबल ग्रोथ के मणिभूषण झा ने कहा कि देश अगर नवीकरणीय ऊर्जा पर शिफ्ट होता है, तो कोयला उद्योग के करीब 3 लाख लोगों के रोजगार जायेंगे, तो सोलर एनर्जी की वजह से करीब 13 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा. वर्कशॉप में और क्या-क्या बातें हुईं, यहां पढ़ें.

विज्ञापन

EJN Workshop on Renewable Energy Ranchi: नवीकरणीय ऊर्जा पर रांची में आयोजित कम्यूनिकेटर्स वर्कशॉप में बोधि सेंटर फॉर सस्टनेबल ग्रोथ के मणि भूषण झा ने कहा कि अगर कोयला आधारित बिजली से भारत सोलर एनर्जी की ओर शिफ्ट होता है, तो कोयला क्षेत्र में काम करने वाले 3 लाख लोगों की नौकरी जा सकती है. दूसरी तरफ, सोलर एनर्जी की वजह से 13 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा. उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि कोयला सेक्टर में काम करने वाले सभी 3 लाख लोग बेरोजगार हो जायेंगे. इनमें से बहुत से लोगों का स्किल डेवलपमेंट करके उन्हें नये काम में लगाया जा सकेगा. हालांकि, कुछ ऐसे लोग होंगे, जो पूरी तरह से बेरोजगार हो जायेंगे. वह अर्थ जर्नलिज्म नेटवर्क (ईजेएन) के 3 दिवसीय ‘कम्यूनिकेटर्स वर्कशॉप ऑन रिन्यूवेबल एनर्जी’ के पहले दिन के दूसरे सत्र को संबोधित कर रहे थे.

जेरेडा के निदेशक ने वर्कशॉप को किया संबोधित

‘कम्यूनिकेटर्स वर्कशॉप ऑन रिन्यूवेबल एनर्जी’ की शुरुआत झारखंड की राजधानी रांची के ली लैक सरोवर होटल में बृहस्पतिवार 24 अप्रैल को हुई. वर्कशपॉ के पहले दिन 4 सेशन हुए, जिसमें देश के अलग-अलग राज्यों से आये पत्रकारों ने झारखंड और बिहार में रिन्यूवेबल एनर्जी की जरूरतों और उत्पादन की क्षमता के बारे में जाना. पहले सत्र में ईजेएन के नवीन मिश्रा और जयदीप गुप्ता ने कार्यक्रम की रूपरेखा के बारे में बताया. इसके बाद सीईईडब्ल्यू की तुलसी अग्निहोत्री ने भारत में नवीकरणीय ऊर्जा की स्थिति के बारे में पत्रकारों को जानकारी दी. कार्यक्रम के दौरान झारखंड रिन्यूवेबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (झारखंड नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी) के निदेशक केके वर्मा ने विस्तार से बताया कि झारखंड में किस तरह से रिन्यूवेबल एनर्जी का इस्तेमाल हो रहा है. इसके फायदे क्या हैं. झारखंड में इसकी संभावनाएं क्या हैं.

बोधि सेंटर फॉर सस्टनेबल ग्रोथ के मणि ने ऊर्जा सुरक्षा और चुनौतियों के बारे में बताया

बोधि सेंटर फॉर सस्टनेबल ग्रोथ के मणि भूषण झा ने बिहार में ऊर्जा सुरक्षा और चुनौतियां (एनर्जी सिक्यूरिटी एंड चैलेंजेज) पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने बिहार में नवीकरणनीय ऊर्जा, खासकर सोलर एनर्जी की स्थिति का पूरा ओवरव्यू दिया. मणि भूषण झा ने कहा कि पिछले 5 साल में बिजली की खपत और मांग दोनों बढ़ी है. उन्होंने कहा कि अगर कोयला आधारित ऊर्जा से सोलर एनर्जी की ओर बढ़ते हैं, तो कोयला क्षेत्र के करीब 3 लाख लोगों का रोजगार जायेगा. वहीं, सोलर एनर्जी में करीब 13 लाख नये रोजगार सृजन की क्षमता है.

झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

कोयला क्षेत्र के सभी लोग नहीं होंगे बेरोजगार

मणि भूषण झा ने कहा कि ऐसा नहीं है कि कोयला खदान और कोयला आधारित बिजली के क्षेत्र में जितने लोग काम कर रहे हैं, सभी बेरोजगार हो जायेंगे. इनमें से बहुत से लोगों का स्किल डेवलप करके उनको सोलर एनर्जी से जोड़ा जा सकेगा. कुछ ऐसे भी लोग होंगे, जिसे किसी तरह से कहीं समायोजित नहीं किया जा सकेगा. ऐसे लोगों का ही रोजगार गंवाना होगा.

‘सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए इंसेंटिव की जरूरत’

बोधि सेंटर फॉर सस्टनेबल ग्रोथ के मणि भूषण झा ने कहा कि अगर सोलर एनर्जी को बढ़ावा देना है, तो सरकार को इसके लिए कुछ सुविधाएं भी देनी होंगी. सोलर एनर्जी का उत्पादन करने वालों को इंसेंटिव आदि देने होंगे. उन्होंने यह भी बताया कि बिहार सरकार ने 10 गीगावाट सोलर एनर्जी के उत्पादन का लक्ष्य रखा है. इसके लिए इसे जल जीवन हरियाली मिशन से जोड़ा जा रहा है. मणि भूषण ने जस्ट ट्रांजिशन पर भी बात की. उन्होंने कहा कि असम और ओडिशा जैसे राज्यों में सोलर आधारित कोल्ड स्टोरेज हैं, जिसकी पहल झारखंड-बिहार को भी करनी चाहिए.

अश्वनी अशोक ने जस्ट ट्रांजिशन इन झारखंड पर बात की

वर्कशॉप को सीड के अश्वनी अशोक ने भी संबोधित किया. उन्होंने जस्ट ट्रांजिशन इन झारखंड पर बात की. आईआईटी कानपुर के जस्ट ट्रांजिशन रिसर्च सेंटर के पूर्णभा दासगुप्ता और शिवांगी सेठ ने जस्ट ट्रांजिशन इन इंडिया पर चर्चा की. परपस के एसोसिएट कैंपेन डायरेक्टर गुरप्रिया सिंह ने डीसेंट्रलाइज्ड रिन्यूवेबल एनर्जी एंड वीमेंस पार्टिसिपेशन पर अपनी बातें रखीं. ईजेएन की श्वेता डागा और मानसी पिंटो ने इंट्रोडक्शन टू डाटा जर्नलिस्टम के बारे में पत्रकारों को जानकारी दी.

इसे भी पढ़ें

Jharkhand Ka Mausam: मौसम विभाग से आयी राहत भरी खबर, झारखंड में 6 डिग्री तक गिरेगा तापमान

झारखंड में बढ़ा गर्मी का प्रकोप, स्कूलों के समय में हुआ बदलाव

Success Story: बर्फीली हवाओं को चीरते हुए नयी ऊंचाई पर पहुंचीं जमशेदपुर की महिलाएं

पहलगाम हमले के लिए झारखंड के मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को जिम्मेदार ठहराया

लातेहार में जेजेएमपी के 3 इनामी उग्रवादियों ने किया आत्मसमर्पण

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola