रिम्स में डेंगू व मलेरिया के मरीज बढ़े, स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को दिया ये निर्देश
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 25 Jul 2023 9:36 AM
रिम्स में बुखार, बदन दर्द और मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या लेकर आने वाले मरीजों की मलेरिया और डेंगू जांच करायी जा रही है. इधर,राजधानी के दो निजी अस्पताल में डेंगू से पीड़ित तीन मरीजों को भर्ती किया गया है.
रांची: राजधानी में मच्छर जनित बीमारी का प्रकोप अचानक बढ़ गया है. इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने नगर निगम प्रशासन को साफ-सफाई के लिए विशेष अभियान चलाने के लिए कहा है. जानकारी के अनुसार, सरकारी और निजी अस्पताल में डेंगू और मलेरिया से पीड़ित मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है. रिम्स में एसटीएफ के चार जवानों को मलेरिया की पुष्टि होने के बाद भर्ती कराया गया है.
वहीं, एक मरीज को डेंगू की पुष्टि के बाद आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है. रिम्स में बुखार, बदन दर्द और मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या लेकर आने वाले मरीजों की मलेरिया और डेंगू जांच करायी जा रही है. इधर,राजधानी के दो निजी अस्पताल में डेंगू से पीड़ित तीन मरीजों को भर्ती किया गया है.
स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर राज्य के सभी जिलों में मच्छर जनित बीमारी से बचाव के लिए स्वास्थ्य जांच बढ़ाने का निर्देश दिया गया है. जिला अस्पताल से लेकर पीएचसी और सीएचसी में जांच किट उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया है. इसके अलावा घर-घर जाकर मच्छर के लार्वा को नष्ट करने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को तैनात किया गया है.
डेंगू का लार्वा साफ पानी में पनपता है. इसका मच्छर सफेद और चमकीला होता है. घर में कूलर, फ्रीज और फ्लावर पॉट या बाहर पड़े बर्तन के जमा साफ पानी में डेंगू का लार्वा पनप सकता है. ऐसे में इनमें पानी जमा नहीं होने दें.
मलेरिया का मच्छर गंदा पानी में पनपता है,इसलिए आसपास गंदा पानी जमा नहीं होने दें. गड्ढा में अगर पर पानी जमा हो, तो उसमें ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करें. वहीं, जला हुआ तेल भी गंदा पानी में डाल सकते हैं. इससे मलेरिया के मच्छर का लार्वा नष्ट हो जाता है.रिम्स में मेडिसिन विभाग को अध्यक्ष डॉ विद्यापति ने कहा कि बरसात में मलेरिया और डेंगू की बीमारी बढ़ जाती है. इसके अलावा डायरिया की संभावना भी बढ़ जाती है, ऐसे में मच्छर से बचाव के लिए मच्छरदानी का इस्तेमाल करें.
राजधानी में आंखों के संक्रमण (कंजक्टिवाइटिस) की समस्या अचानक बढ़ गयी है. इससे बड़े और बच्चे दोनों ग्रसित हैं. इसमें पहले आंखों में सूजन और दर्द होता है और बाद में पूरी आंख लाल हो जा रही है.रिम्स के ओपीडी में इस समस्या को लेकर प्रतिदिन पांच से छह मरीज परामर्श लेने आ रहे हैं. रिम्स के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ राहुल कुमार ने बताया कि यह मौसमी बीमारी है, जिसे वायरल कंजक्टिवाइटिस कहा जाता है.
एक संक्रमित दूसरे को तेजी से संक्रमित कर देता है, इसलिए पीड़ित व्यक्ति से बचकर रहना चाहिए. इधर,कई स्कूलों के बच्चे इस बीमारी की चपेट में आने लगे हैं,इसलिए स्कूल प्रबंधन द्वारा अभिभावकों को फोन पर मैसेज भेजकर जागरूक किया जा रहा है. स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों से आग्रह किया है कि अगर आपके बच्चे की आंख में ऐसी कोई समस्या दिखती है, तो उसको स्कूल नहीं भेजे.
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