कोरोना से जंग : सरकार सक्रिय, 181 कट्रोल रूम बना सहारा

Author : Pritish Sahay Published by : Prabhat Khabar Updated At : 28 Mar 2020 2:15 AM

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लॉकडाउन के कारण देश के अलग-अलग राज्यों में लोग फंसे हुए हैं. ओड़िशा में फंसे कुछ मजदूर तो पैदल ही झारखंड की ओर चल पड़े हैं. ऐसी सूचनाएं लगातार राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को आ रही है.

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रांची : कोई ट्वीट के माध्यम से मदद की अपील कर रहा है, तो कोई कंट्रोल रूम के माध्यम से. कंट्रोल रूम 181 लगातार मजदूरों से समन्वय बना रहा है. जो सूचना आ रही है उस पर तत्काल संबंधित राज्य सरकारों से मदद का आग्रह कर रहे हैं. वहीं कंट्रोल रूम के माध्यम से भी संबंधित राज्य सरकारों से बात कर मदद पहुंचायी जा रही है. दूसरी ओर दूसरे राज्य की सरकारें भी लगातार मदद के लिए हाथ बढ़ा रही है.

कंट्रोल रूम में चार दिनों में दो हजार से अधिक कॉल : राज्य नियंत्रण कक्ष 181 में पिछले चार दिनों में दो हजार से अधिक कॉल आ चुके हैं. इसमें 60 प्रतिशत कॉल दूसरे राज्यों में फंसे लोगों की है. जिसकी जानकारी तत्काल मुख्यमंत्री को दी जाती है. और उसके अनुरूप दूसरे राज्यों के अधिकारियों से भी बात की जाती है. हालांकि सॉफ्टवेयर में कुछ तकनीकी समस्या की वजह से शुक्रवार के कॉल की गणना नहीं की जा सकी है. पर बताया गया कि गुरुवार की तरह इस दिन भी लगभग 500 से अधिक कॉल आये हैं. जिसे सीएम को ट्वीट कर बताया गया और सीएम ने तत्काल संबंधित राज्य के सरकारों से बात की.

सीपी ने वेल्लोर में फंसे लोगों की मदद की अपील की : पूर्व मंत्री सीपी सिंह ने मुख्यमंत्री से सीएमसी वेल्लोर में फंसे रांची व राज्य के अन्य हिस्सों के लोगों की मदद करने का आग्रह किया. सीएम ने तमिलनाडू के मुख्यमंत्री से उनकी मदद का आग्रह किया है. दिल्ली में फंसे मजदूरों ने गुहार लगायी तो दिल्ली के विधायक सोमनाथ भारती उनकी मदद करने पहुंच गये. उन्होंने सीएम को ट्वीट कर कहा भी कि मेरे क्षेत्र में कोई व्यक्ति भूखा सो रहा है, तो मन अशांत हो गया. खोज कर उन तक मदद पहुंचायी. सीएम ने सोमनाथ भारती का आभार जताया और कहा कि इस कार्य के लिए वह ऋणी रहेंगे.

केरल में 700 मजदूर फंसे

केरल के त्रिवेंद्रम में लॉकडाउन की वजह से राजमहाल अनुमंडल के 700 मजदूर फंसे हुए हैं. वे भूखे-प्यासे हैं. विधायक अनंत ओझा ने यह जानकारी दी. इसके बाद मुख्यमंत्री कंट्रोल रूम को तत्काल मजदूरों से संपर्क कर मदद पहुंचवाने का निर्देश दिया.इसी तरह गिरिडीह के 24 मजदूर कर्नाटक में फंसे हुए हैं. सीएम ने इसके लिए भी कंट्रोल रूम 181 को निर्देश दिया. धनवार के 13 मजदूर भी हैदराबाद में फंसे हैं और गुहार लगायी है.

5000 मजदूर तेलंगाना में

मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने जानकारी दी कि गढ़वा सहित पूरे राज्य के करीब पांच हजार मजदूर तेलंगना में फंसे हुए हैं. सीएम श्री सोरेन ने तेलंगना के के मुख्यमंत्री से मजदूरों की मदद करने का आग्रह किया है. इस पर तेलंगना के सीएम ने चिंता न करने की बात कही है.

ओड़िशा से पैदल चल कर लातेहार पहुंच गये

ओड़िशा के झारसुगड़ा से कुछ मजदूर पैदल ही चल कर लातेहार पहुंच गये. उन्हें गढ़वा जाना था. सीएम को सूचना मिली तो तुरंत लातेहार डीसी को निर्देश दिया. इसके बाद करीब पांच की संख्या में पहुंचे मजदूरों को घर तक वाहन से भिजवाया गया. उनका मेडिकल भी कराया गया. इसी तरह वाराणसी में पाकुड़ जिला के 13 मजदूर फंसे हुए हैं. सीएम ने पाकुड़ डीसी को तत्काल मदद करवाने का निर्देश दिया.

झारखंड का हर व्यक्ति हमारा अपना : केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी सीएम हेमंत सोरेन से कहा है कि दिल्ली में रहने वाला झारखंड का एक-एक व्यक्ति हमारा अपना है. आप उनकी बिलकुल चिंता मत कीजिये.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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