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कोरोना इफेक्ट : दोगुना से भी अधिक हुआ भाड़ा, महंगा पड़ रहा है आधी सीट पर बैठाने का फॉर्मूला

By Prabhat Khabar Print Desk
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दोगुना से भी अधिक हुआ भाड़ा
दोगुना से भी अधिक हुआ भाड़ा
Prabhat Khabar

रांची : कोरोना की वजह से बसों में निर्धारित सीट से आधे में ही यात्री बैठाने का फॉर्मूला महंगा पड़ रहा है. दोगुना से भी अधिक हो गये भाड़े की वजह से बसों को सवारी नहीं मिल रही है. कई रूट पर एक यात्री से दो सीट के पैसे तो लिये ही जा रहे हैं, भाड़ा भी बढ़ा दिया गया है. इससे एक सीट का भाड़ा दोगुना से भी ज्यादा हो गया है. पांच माह की बंदी के बाद एक सितंबर को शुरू की गयी बस सेवा पहले दिन सवारी को तरसती रही. राजधानी से चलने वाली हर बस में कुछ लोगों ने सफर किया. संक्रमण से बचने के लिए बस मालिकों को आधे सीटों में सवारी चढ़ाने का निर्देश दिया गया है.

इस कारण बस मालिकों ने किराया दोगुना करने की घोषणा की. लेकिन, कई शहरों के लिए शुरू की गयी बसों का किराया करीब ढाई गुना कर दिया गया है. भाड़े में सबसे ज्यादा वृद्धि एसी बसों के संचालकों द्वारा की गयी है. बोकारो, धनबाद, जमशेदपुर व रामगढ़ के लिए चलनेवाली एसी बसों का किराया दोगुना से अधिक बढ़ा दिया गया है. वहीं, बोकारो, गढ़वा, कोडरमा, हजारीबाग समेत कई अन्य शहरों के लिए चलने वाली नॉन एसी बसों के किराये में भी दोगुना से अधिक वृद्धि की गयी है.

नहीं थी बस स्टैंडों पर रौनक : राजधानी के बस स्टैैंडों पर बिल्कुल रौनक नहीं दिखायी दी. कांटाटोली, आइटीआइ और सरकारी बस स्टैंड पर सवारी की संख्या काफी कम थी. गाड़ियों के एजेंट सवारी की तलाश में रहे. बस स्टैंड पर लगने वाले ठेले और खोमचों की संख्या भी पहले के मुकाबले काफी कम रही.

आइटीआइ स्टैंड से 18 बसें खुली : आइटीआइ बस स्टैंड से मात्र 18 बसें ही खुली. ये बसें डालटेनगंज, गुमला, चतरा आदि इलाकों के लिए निकली. गुमला के लिए 8 बसें, चतरा के लिए दो बस खुली. यात्रियों के लिए बसों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा. स्थिति यह थी कि एक घंटे में मात्र 8-10 यात्री ही स्टैंड पहुंच रहे थे.

कांटाटोली से 21 व सरकारी बस स्टैंड से 30 बसें ही खुलीं : ओवरब्रिज स्थित सरकारी बस स्टैंड से मंगलवार को 30 बसें खुलीं. लेकिन किसी में पांच तो किसी में सात सवारी को लेकर बसें रवाना हुईं. कांटाटोली बस स्टैंड में एजेंट इरफान ने बताया कि शाम छह बजे तक खादगढा बस स्टैंड से सिमडेगा, हजारीबाग, धनबाद, टाटा और बुंडू के लिए कुल 21 बसें खुलीं.

वहीं, सरकारी बस स्टैंड में एजेंट प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि टाटा के लिए 12 बस, धनबाद के लिए तीन, गिरिडीह और हजारीबाग के लिए छह और गढवा-डालटेनगंज के लिए दो बसें खुली. कुल 23 बसें खुली. सामान्य दिनों में विभिन्न रूटों पर लगभग 60 बसें खुलती थीं.

  • एक सितंबर से झारखंड के अंदर विधिवत शुरू हुआ बसों का परिचालन

  • कम दिखे यात्री, हर बस में बमुश्किल दर्जन भर यात्रियों ने किया सफर

  • रांची से खुलनेवाली एसी बसों का भाड़ा

गंतव्य पूर्व का नया कितना किराया किराया अधिक

बोकारो 200 500 300

धनबाद 250 540 290

रामगढ़ 60 130 70

जमशेदपुर 230 500 270

रांची से खुलनेवाली सामान्य बसों का भाड़ा

गंतव्य पूर्व का नया कितना किराया किराया अधिक

बोकारो 120 320 200

धनबाद 160 360 200

हजारीबाग 100 220 120

कोडरमा 160 350 190

जमशेदपुर 160 360 200

सिमडेगा 150 360 210

गढ़वा 240 500 260

भाड़ा वृद्धि के कारण लोग नहीं निकल रहे हैं, यह कहना गलत है. लोग कोरोना केे डर से घर से नहीं निकल रहे हैं. यही हाल रहा तो बस चलाना संभव नहीं है. जल्द ही इस समस्या को लेकर एसोसिएशन की बैठक होगी.

- कृष्णमोहन सिंह, अध्यक्ष, रांची जिला बस ओनर्स एसोसिएशन

राज्य के विभिन्न जिलों से जिस प्रकार की सूचना आयी है, वह हमारे लिए चिंतनीय है. इस हालात में बसों का परिचालन करना संभव नहीं है. बहुत जल्द एसोसिएशन के सारे सदस्य बैठकर तय करेंगे कि आगे क्या करना है.

- सच्चिदानंद सिंह, अध्यक्ष, झारखंड प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन

Post by : Prirtish Sahay

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