8 नवंबर को चंद्रग्रहण पर छत्र भंग योग से होगा सत्ता परिवर्तन, जानें, झारखंड में ग्रहण दिखेगा या नहीं
Chandra Grahan|Lunar Eclipse|15 दिन के कालखंड में दो ग्रहण लगते हैं, तो उसे छत्र भंग योग कहते हैं. इस दौरान सत्ता में बदलाव होता है. इस बार भी मुख्यमंत्री बदल सकता है. भारत में यह ग्रहण सिर्फ पूर्वोत्तर के राज्यों में कुछ समय के लिए देखा जायेगा. 8 नवंबर को खग्रास चंद्रग्रहण 1 घंटा 26 मिनट का होगा.
Chandra Grahan|Lunar Eclipse|कार्तिक पूूर्णिमा (Kartik Purnima) के दिन यानी मंगलवार (8 नवंबर 2022) को चंद्रग्रहण (Chandra Grahan 2022) लग रहा है. खग्रास चंद्रग्रहण दोपहर 3 बजकर 45 मिनट पर लग रहा है, जो 5 बजकर 22 मिनट पर समाप्त हो जायेगा. इस बार के चंद्रग्रहण को खास बताया जा रहा है. रांची के पंडित रामदेव पांडेय ने कहा है कि इस चंद्रग्रहण का कुछ लोगों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा. मुख्यमंत्री का बदलाव भी हो सकता है.
पंडित रामदेव पांडेय ने गुरुवार को बताया कि इस बार छत्र भंग योग (Chhatra Bhang Yoga) बन रहा है. ऐसे में किसी मुख्यमंत्री की सत्ता जायेगी. हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किस राज्य के मुख्यमंत्री को अपनी कुर्सी गंवानी होगी. पंडित पांडेय ने कहा कि देश के किसी प्रदेश का मुख्यमंत्री बद�� सकता है. जब भी छत्र भंग योग (What is Chhatra Bhang Yoga) बनता है, तो उसके राजनीतिक प्रभाव देखे जाते हैं.
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पंडित रामदेव पांडेय ने बताया कि जब भी 15 दिन के कालखंड में दो ग्रहण लगते हैं, तो उसे छत्र भंग योग कहते हैं. इस दौरान सत्ता में बदलाव होता है. इस बार भी कोई मुख्यमंत्री बदल सकता है. उन्होंने बताया कि भारत में यह ग्रहण सिर्फ पूर्वोत्तर के राज्यों में कुछ समय के लिए देखा जायेगा. उन्होंने बताया कि 8 नवंबर को पूर्णिमा है. खग्रास चंद्रग्रहण 1 घंटा 26 मिनट का होगा.
पंडित रामदेव पांडेय ने बताया कि दोपहर 3 बजकर 45 मिनट से 5 बजकर 22 मिनट तक लगने वाला चंद्रग्रहण झारखंड समेत पूरे भारत में सूर्यास्त के साथ ही खत्म हो जायेगा. यानी झारखंड में चंद्रग्रहण नहीं दिखेगा. सिर्फ पूर्वोत्तर के तीन राज्यों असम, नगालैंड और मणिपुर में कुछ देर के लिए ग्रहण को देखा जा सकेगा. उन्होंने बताया कि असम के डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया के अलावा मणिपुर की राजधानी इंफाल एवं नगालैंड की राजधानी कोहिमा में चंद्रग्रहण देखा जा सकता है.
पंडित रामदेव पांडेय ने बताया कि भरणी नक्षत्र वृष राशि पर ग्रहण होगा. यह मिथुन, कर्क, वृश्चिक, कुम्भ राशि के लिए लाभदायक साबित होगा. वहीं, मेष, वृष, सिंह, कन्या, तुला, धनु, मकर और मीन राशि के लिए हानिकारक रहेगा. बता दें कि पिछली बार अमावस्या 25 अक्टूबर 2022 को थी.
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By मिथिलेश झा
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