JPSC-JSSC भर्ती घोटाला: बाबूलाल मरांडी ने सरकार के हलफनामे पर उठाए सवाल, कहा- पूरी प्रक्रिया दूषित तो पहले कोर्ट से क्यों छिपाए तथ्य? CBI जांच की मांग

Updated:
विज्ञापन

बाबूलाल मरांडी की फाइल फोटो

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने JPSC-JSSC भर्ती परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी पर सरकार को घेरा है. उन्होंने सरकार के अदालत में दाखिल हलफनामों पर सवाल उठाते हुए पूरी प्रक्रिया की शुचिता पर संदेह जताया है. मरांडी ने मामले की CBI जांच की मांग की है.

विज्ञापन

JPSC-JSSC. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर सरकार की ओर से अदालत में दाखिल किये गये अलग-अलग हलफनामों पर सवाल उठाये हैं. उन्होंने कहा कि यदि पूरी परीक्षा प्रक्रिया ही दूषित थी, तो पहले दिये गये हलफनामों में क्या तथ्य सामने रखे गये थे और अदालत के सामने पूरी जानकारी पहले क्यों नहीं रखी गयी.

विज्ञापन

जिम्मेदारी केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित क्यों

बाबूलाल मरांडी ने सवाल उठाया कि यदि झारखंड में इतने बड़े स्तर पर भर्ती परीक्षा में अनियमितता हुई है, तो इसकी जिम्मेदारी केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित क्यों रखी जा रही है. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की जानकारी और सहमति से जुड़े सवाल की भी जांच की मांग की. ये बातें उन्होंने अपने बयान में आरोप के तौर पर कही हैं. उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी तय करते समय केवल निचले स्तर के कर्मचारियों को कार्रवाई के दायरे में रखना उचित नहीं है. पूरे मामले में उन अधिकारियों की भूमिका भी सामने आनी चाहिए, जो भर्ती प्रक्रिया से जुड़े रहे हैं.

सीआइडी जांच पर भी उठाये सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने सीआइडी की जांच पर भी सवाल उठाये. उनका कहना है कि जांच की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं और लाखों छात्रों के भविष्य को देखते हुए मामले की स्वतंत्र जांच जरूरी है. उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच सीबीआइ से कराने की मांग की है. इससे पहले भी मरांडी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सीबीआइ जांच की मांग करते रहे हैं.

ये भी पढ़ें: MMDR को लेकर झारखंड में छिड़ा सियासी संग्राम: भाजपा 19 से चलाएगी जन-जागरूकता अभियान, कहा - 90% राजस्व अब भी राज्यों का, JMM फैला रहा भ्रम

अनुराग गुप्ता समेत उन सभी अधिकारियों की भूमिका की जांच

बाबूलाल मरांडी ने प्रशांत कुमार और सुधीर गुप्ता को जेएसएससी से हटाने तथा मनोज कौशिक को सीआइडी एडीजी के पद से हटाने की मांग की है. साथ ही अनुराग गुप्ता समेत उन सभी अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की है, जो कथित अनियमितता वाले भर्ती प्रक्रिया के दौरान जिम्मेदार पदों पर रहे. इस बीच झारखंड हाईकोर्ट ने जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की चल रही सीआइडी जांच की निगरानी के लिए एक पूर्व न्यायाधीश को नियुक्त किया है.

ये भी पढ़ें: 8.86 एकड़ जमीन मनी लॉन्ड्रिंग केस: राजकुमार पाहन समेत 16 पर आरोप तय, CM हेमंत सोरेन को 21 सितंबर तक कोर्ट में पेश होने का निर्देश

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola