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Ranchi news : शुरू नहीं हो रहा टीबी का बीएसएल थ्री और सेंट्रल लैब

Updated at : 08 Jul 2025 12:24 AM (IST)
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Ranchi news : शुरू नहीं हो रहा टीबी का बीएसएल थ्री और सेंट्रल लैब

एक साल से चल रही है उपकरण खरीद की प्रक्रिया, टेंडर में फंसा है मामला

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: एक साल से चल रही है उपकरण खरीद की प्रक्रिया, टेंडर में फंसा है मामला

: बीएसएल थ्री लैब शुरू होने पर टीबी के संदिग्ध मरीजों की बारीकी से होती स्क्रीनिंग

मुख्य संवाददाता,रांची

राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स की दो प्रमुख सेवाएं उपकरण के अभाव में शुरू नहीं हो पा रही है. पहली टीबी की अत्याधुनिक जांच और दूसरा 24 घंटे चलने वाला सेंट्रल लैब. इन दोनों सेवाओं के लिए मशीनों की खरीद की प्रक्रिया एक साल से चल रही है. मामला टेंडर पूरा नहीं होने की वजह से अटका पड़ा है. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि टेंडर की प्रक्रिया चल रही है, शीघ्र इसपर फैसला ले लिया जायेगा. अगर टीबी का बीएसएल थ्री लैब शुरू हो जाता, तो रिम्स में आने वाले संदिग्ध टीबी के मरीजों की बारीकी से स्क्रीनिंग होती और डॉक्टरों को पुष्टि करने में सहूलियत होती. इधर, सेंट्रल लैब शुरू होने से ब्लड जांच की सुविधा सातों दिन हर वक्त मिलने लगती. रिपोर्ट के लिए भी मरीजों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ता.

1.25 करोड़ से बना है लैब, केंद्र सरकार ने किया है सहयोग

टीबी का बीएसएल थ्री लैब 1.25 करोड़ की लागत से बनाया गया है. इसके लिये केंद्र सरकार ने फंड उपलब्ध कराया है. इस तरह का लैब देश के सभी राज्यों में स्थापित किया जा रहा है. यह टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने में गति देने के लिए किया गया है. अगर जांच शुरू हो जाती, तो टीबी के मरीजों में दवाएं आखिर क्यों काम नहीं कर पा रही हैं, इसका भी पता चल जाता. लैब में सैंपल लेने से लेकर जांच की पूरी प्रक्रिया ऑटोमेटिक है, जिसमें कर्मचारियों को बीएसएल थ्री लैब की गाइडलाइन का पालन करना पड़ता है.

75 लाख से तैयार किया गया सेंट्रल लैब

मरीजों को 24 घंटे जांच की सुविधा मिले और सैंपल के लिए परिजनों को चक्कर नहीं लगाना पड़े, इसके लिये सेंट्रल लैब तैयार किया जाना है. करीब 75 लाख रुपये से इसे तैयार किया गया है. लैब में मरीजों को एक ही छत के नीचे सभी प्रकार की जांच की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी. लैब में पैथोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी और हिस्टोपैथोलॉजी जैसी जांच होगी. सूत्रों ने बताया कि मशीन खरीद के लिए निविदा की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी थी. एलवन एजेंसी का चयन भी हो गया था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रक्रिया की जांच के लिए टीम गठित की गयी है. इसके बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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DEEPESH KUMAR

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