भारत आदिवासी पार्टी से बबीता कच्छप ने किया नामांकन
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 22 Apr 2024 5:27 PM
Birsa Munda
जनसभा की
खूंटी.भारत आदिवासी पार्टी से पत्थलगड़ी आंदोलन की नेत्री रही बबीता कच्छप में सोमवार को खूंटी लोकसभा सीट से नामांकन दाखिल किया. नामांकन से पहले खूंटी के नेताजी चौक से जुलूस निकाला गया. बबीता अपने समर्थकों के साथ समाहरणालय परिसर पहुंचीं, जहां उपायुक्त को नामांकन पत्र सौंपा. बाद में कचहरी मैदान में सभा का आयोजन किया गया. सभा में बबीता कच्छप ने कहा कि पिछली सरकारों ने आदिवासियों को सिर्फ अपना वोट बैंक समझा. पिछली सरकार ने आदिवासियों की जमीन को लैंड बैंक के नाम पर लूटने का काम किया है. राजनीतिक दलों ने आदिवासियों के मुद्दों को सिर्फ मुद्दा तक ही सीमित रखा. भारत आदिवासी पार्टी आदिवासियों के मुद्दे को सड़क से लेकर संसद तक रखेगी. देश में संविधान बदलने का प्रोपगेंडा चल रहा है. तानाशाही को रोकने के लिए आदिवासी पार्टी इस क्षेत्र में भी आयी है. सभा को अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया और बबीता कच्छप के पक्ष में मतदान की अपील की. वोट बहिष्कार सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का था माध्यमः बबीता कच्छप ने कहा कि भारत आदिवासी पार्टी कम समय में ही लोगों की पसंद बन गयी है. घर-घर तक आदिवासी पार्टी पहुंच चुकी है. उनकी जीत सुननिश्चित है. उन्होंने कहा कि चुनाव की सारी तैयारियां शुरू कर दी गयी है. उन्होंने कहा कि 75 साल तक आदिवासियों और मूल निवासियों का झारखंड में सिर्फ इस्तेमाल हुआ है. जल-जंगल-जमीन की लड़ाई चल रही है. यहां के आदिवासी-मूलनिवासी के मुख्य मुद्दे स्थानीय नीति और नियोजन नीति को लेकर काम करेंगे. मुंडा आदिवासी क्षेत्र में लैंड बैंक के माध्यम से खत्म करना मुद्दा रहेगा. संवैधानिक मुद्दों को लेकर सदन और सुप्रीम कोर्ट तक जायेंगे. पत्थलगड़ी के दौरान वोट बहिष्कार करने के सवाल पर कहा कि आदिवासी क्षेत्र में चुनाव नहीं होता था. वहां इलेक्शन नहीं बल्कि सलेक्शन की बातें होती थी. 1950 से पहले आदिवासियों पर अंग्रेजों के कानून लागू नहीं होते थे. हमने जो वोट बहिष्कार की बात कही थी, वह बहिष्कार नहीं था, बल्कि एक आंदोलन था. सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का तरीका था. चुनाव रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक गयी हूं. उन्होंने कहा कि चुनाव में भाग नहीं लेने से विपरीत विचारधारा का व्यक्ति आ सकता है. इसे लेकर लोकतंत्र का हिस्सा बनना पसंद की. आधार कार्ड और वोटर कार्ड फिर से बन सकता है. अफीम के मद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार को लाइसेंस देना चाहिए.
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