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झारखंड पुलिस ने फिर 24 मौलवियों को पकड़ा, केरल से आये ‘धर्म प्रचारकों’ में कई विदेशी नागरिक, मेरठ समेत कई जगहों पर CBI-NIA के छापे

24 muslim scholars arrested from ranchi district of jharkhand cbi-nia raids in meerut रांची : झारखंड (Jharkhand) की राजधानी रांची (Ranchi) की एक मस्जिद (Mosque) से पुलिस ने 24 मौलवियों (Muslim Scholars) को हिरासत में लिया है. ये लोग मलयेशिया (Malayasia), वेस्ट इंडीज (West Indies), पोलैंड (Poland), दिल्ली (Delhi), हैदराबाद (Haiderabad) और कुर्ला (Kurla) के रहने वाले हैं. इनमें 8 मलयेशिया के जबकि 2 झारखंड के हैं. सभी को सोमवार (30 मार्च, 2020) को तड़के पुलिस ने हिरासत में लिया और खेलगांव (Khelgaon) स्थित क्वारेंटाइन सेंटर (Quarantine Centre) पहुंचा दिया. रिम्स (RIMS) की मेडिकल टीम इनके खून के नमूने लेकर उसकी कोरोना (Coronavirus) जांच करेगी. पुलिस इनके यहां आने की वजह और इनकी अब तक की गतिविधियों के बारे में पूरी जानकारी जुटा रही है. ये सभी खुद को धर्म प्रचारक बता रहे हैं. बताया जाता है कि सभी लोग जनवरी से ही यहां हैं.

रांची : झारखंड (Jharkhand) की राजधानी रांची (Ranchi) की एक मस्जिद (Mosque) से पुलिस ने 24 मौलवियों (Muslim Scholars) को हिरासत में लिया है. ये लोग मलयेशिया (Malayasia), वेस्ट इंडीज (West Indies), पोलैंड (Poland), दिल्ली (Delhi), हैदराबाद (Haiderabad) और कुर्ला (Kurla) के रहने वाले हैं. इनमें 8 मलयेशिया के जबकि 2 झारखंड के हैं. सभी को सोमवार (30 मार्च, 2020) को तड़के पुलिस ने हिरासत में लिया और खेलगांव (Khelgaon) स्थित क्वारेंटाइन सेंटर (Quarantine Centre) पहुंचा दिया. रिम्स (RIMS) की मेडिकल टीम इनके खून के नमूने लेकर उसकी कोरोना (Coronavirus) जांच करेगी. पुलिस इनके यहां आने की वजह और इनकी अब तक की गतिविधियों के बारे में पूरी जानकारी जुटा रही है. ये सभी खुद को धर्म प्रचारक बता रहे हैं. बताया जाता है कि सभी लोग जनवरी से ही यहां हैं.

डीएसपी का कहना है कि ये सभी कथित धर्म प्रचारक हिंदीपीढ़ी में ग्वाल टोली के समीप स्थित बड़ी मस्जिद में किसी जमात में शामिल होने आये थे. इससे पहले 19 मार्च, 2020 को रांची पुलिस ने तमाड़ से चीन, कजाकिस्तान और किर्गिस्तान से आये 11 मौलवियों को गिरफ्तार किया था. मुसाबनी पुलिस केंद्र में उन सभी से पूछताछ चल रही है. उनसे पूछताछ के बाद सीबीआइ और एनआइए की टीम उत्तर प्रदेश के मेरठ समेत अन्य ठिकानों पर छापामारी कर रही है.

बताया जा रहा है कि पकड़े गये लोगों में आठ मलेशिया के, तीन इंग्लैंड, दो वेस्टइंडीज, एक हॉलैंड, एक बंग्लादेश, दो साउथ अफ्रीका के गांबिया के और तीन दिल्ली, एक गुजरात और एक मुंबई के रहने वाले हैं. पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पिछले कुछ दिनों से हिंदपीढ़ी बड़ी मस्जिद में दर्जनों विदेशी नागरिक छिप कर रह रहे हैं. इसी सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मेडिकल टीम को बुलाकर वहां रह रहे सभी को खेल गांव स्थित आइसोलेशन वार्ड में भेजा.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सभी विदेशी नागरिक लगभग एक माह पहले रांची स्थित बड़ी मस्जिद पहुंचे थे. इसी दौरान अचानक कोरोनावायरस के संक्रमण को लेकर लॉकडाउन की घोषणा किये जाने के बाद सभी मस्जिद में ही रुक गये. 14 दिनों तक आइसोलेशन वार्ड में रहने की डर से सभी मस्जिद में छिपे हुए थे. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

इस बीच, पिछले दिनों संदेह के आधार पर रांची के तमाड़ से गिरफ्तार किये गये 11 विदेशी मुसलमानों के झारखंड आने के राज खुलने लगे हैं. देश की दो सबसे तेज-तर्रार जांच एजेंसियां राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इनसे घंटों पूछताछ के बाद उत्तर प्रदेश के मेरठ समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई शुरू कर दी है.

चीन से आये और तमाड़ से पकड़े गये 11 मौलवियों से पूर्वी सिंहभूम के मुसाबनी स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में पूछताछ चल रही है. इन सभी से झारखंड पुलिस की क्राइम इन्वेस्टिगेशन टीम (सीआइटी) व स्पेशल ब्रांच की टीम पहले ही पूछताछ कर चुकी है. चूंकि इन लोगों में से तीन चीन से आये थे, सभी को क्वारंटाइन में रखा गया और उनकी कोरोना संक्रमण की जांच करवायी गयी.

सभी की जांच रिपोर्ट आ गयी है. कोई भी कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं मिला है. इन मौलवियों का कहना है कि सरायकेला-खरसावां जिला के कपाली में एक कार्यक्रम का आयोजन होना था, जिसमें शामिल होने के लिए ये लोग झारखंड आये थे. इनका कहना है कि ये लोग इस्लामिक स्कॉलर हैं और अपने धर्म का प्रचार करने के लिए यहां आये थे. 19 मार्च, 2020 को सभी दिल्ली से रांची पहुंचे थे. उनके पास पासपोर्ट व वीजा भी हैं. इनके पासपोर्ट और वीजा जब्त कर लिये गये हैं.

कोरोना वायरस से सर्वाधिक प्रभावित चीन, कजाकिस्‍तान और किर्गिस्‍तान के नागरिक इन मौलवियों के तमाड़ के रड़गांव के एक मस्जिद में ठहरे होने की सूचना पर हड़कंप मच गया था. एक साथ 11 विदेशी मौलवियों के भारत में होने सूचना ने सुरक्षा एजेंसियों के भी होश उड़ा दिये. शनिवार को ही सीबीआइ और एनआइए के अधिकारियों ने मामले की पूरी गहराई से तफ्तीश की. सभी मौलवियों से बारी-बारी से घंटों पूछताछ हुई.

दूसरी तरफ, रांची के ग्रामीण एसपी ऋषभ कुमार ने बताया कि सभी 11 मौलवियों को संदिग्‍ध मानते हुए जांच एजेंसियां इनकी कुंडली खंगाल रही हैं. सभी के दस्‍तावेज चेक किये गये हैं. इन लोगों का कहना है कि ये सभी मुस्लिम कल्‍चर पर अध्ययन के लिए भारत आये हैं. सभी के पासपोर्ट और वीजा जब्‍त कर लिये गये हैं. ऋषभ कुमार ने बताया कि ये सभी मौलवी डेढ़ महीने से भारत में हैं.

Mithilesh Jha
Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है

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