विस्थापित परिवारों के घर तोड़ने पर आक्रोश
Updated at : 10 Oct 2025 8:28 PM (IST)
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खलारी प्रखंड अंतर्गत सीसीएल के कॉल हैंडलिंग सीएएचपी केडीएच परियोजना क्षेत्र में विस्थापित परिवारों के घरों को अतिक्रमण बताकर तोड़ने के आदेश दिये जाने से लोग आक्रोशित हैं.
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खलारी.
खलारी प्रखंड अंतर्गत सीसीएल के कॉल हैंडलिंग सीएएचपी केडीएच परियोजना क्षेत्र में विस्थापित परिवारों के घरों को अतिक्रमण बताकर तोड़ने के आदेश दिये जाने से लोग आक्रोशित हैं. विस्थापित परिवारों ने मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है. इसे लेकर जिप सदस्य शाल्या परवीन ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि वर्ष 1980 में केडीएच खदान के विस्तारीकरण के समय भूतनगर बस्ती के ग्रामीणों ने अपनी जमीन सीसीएल को दी थी. उस समय कंपनी ने विस्थापित परिवारों को पुनर्वासित कर गांव बसाया था. अब वही सीसीएल प्रबंधन उन परिवारों को अतिक्रमणकारी बताते हुए नोटिस जारी कर घर खाली करने का निर्देश दे रहा है. परवीन ने बताया कि घर खाली नहीं करने पर सीसीएल प्रबंधन की ओर से एफआइआर दर्ज कराने की धमकी दी जा रही है. इससे विस्थापित परिवारों में दहशत है. उन्होंने मुख्यमंत्री से न्याय दिलाने व जबरन घर तोड़े जाने की कार्रवाई रोकने की मांग की है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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