पेड़ों के ट्रांसप्लांट के नाम पर घोटाले का आरोप, जांच की मांग

Updated at : 06 Oct 2025 8:19 PM (IST)
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पेड़ों के ट्रांसप्लांट के नाम पर घोटाले का आरोप, जांच की मांग

एनके एरिया अंतर्गत सीसीएल की रोहिणी परियोजना एक बार फिर विवादों में आ गयी है.

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खलारी. एनके एरिया अंतर्गत सीसीएल की रोहिणी परियोजना एक बार फिर विवादों में आ गयी है. राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ (इंटक) के नेता अब्दुल्ला अंसारी ने परियोजना में पर्यावरण संरक्षण के नाम पर हुए पेड़ों के ट्रांसप्लांटेशन कार्य को लेकर गंभीर आरोप लगाये हैं. उन्होंने कहा कि रोहिणी परियोजना को संचालित करने के लिए सीसीएल द्वारा लगभग 76 लाख रुपए खर्च किया गया, लेकिन इस राशि का उपयोग पारदर्शी तरीके से नहीं हुआ. अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि ट्रांसप्लांटेशन के नाम पर सैकड़ों पेड़ों को मार दिया गया है. उनका कहना है कि 256 पेड़ों को वैज्ञानिक तरीके से स्थानांतरित किया जाना था, जिसके लिए हाई-टेक मशीनों और विशेषज्ञों की मदद ली जानी चाहिए थी. इसके अलावा, पेड़ों को सुरक्षित रखने के लिए एक वर्ष का एएमसी (वार्षिक रखरखाव अनुबंध) भी किया गया था. कहा कि इसके बावजूद लगभग 70 प्रतिशत पेड़ सूख चुके हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि काम में भारी लापरवाही हुई है. पर्यावरणीय संतुलन के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है. उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर पर्यावरणीय और आर्थिक अपराध है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि दोषियों की जिम्मेदारी तय की जा सके. अब्दुल्ला अंसारी ने जिला प्रशासन और सीसीएल मुख्यालय से मांग की है कि इस प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच करायी जाये, ताकि भविष्य में इस तरह के भ्रष्टाचार और पर्यावरण के साथ खिलवाड़ की पुनरावृत्ति न हो.

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