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7th JPSC पीटी परीक्षा में दिया गया आरक्षण का लाभ, अभ्यर्थियों ने दी हाईकोर्ट में चुनौती, बोले- ये नियमाविरुद्ध

सातवीं से 10वीं जापीएससी परीक्षा में आरक्षण का लाभ दिया गया है, जबकि ये नियमावली के विरुद्ध है. इसे लेकर अभ्यर्थियों ने दी हाईकोर्ट में चुनौती दी है और कहा है कि पीटी के रिजल्ट को निरस्त किया जाना चाहिए.

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
7th JPSC पीटी परीक्षा को अभ्यर्थियों ने दी हाईकोर्ट में चुनौती
7th JPSC पीटी परीक्षा को अभ्यर्थियों ने दी हाईकोर्ट में चुनौती
प्रभात खबर

रांची : जेपीएससी ने सातवीं से 10वीं संयुक्त सिविल सेवा पीटी में आरक्षण का लाभ दिया है. आरक्षण का लाभ देते हुए आयोग ने पीटी का कोटिवार रिजल्ट जारी किया. साथ ही कोटिवार कट ऑफ मार्क्स भी जारी किया है. पीटी में आरक्षण तब दिया गया, जब दी झारखंड कंबाइंड सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन रूल्स-2001 और संशोधित रूल्स-2021 के अनुसार, प्रारंभिक परीक्षा में आरक्षण देने का कोई प्रावधान नहीं है.

इसके बाद भी जेपीएससी ने सातवीं से 10वीं संयुक्त सिविल सेवा पीटी में आरक्षण का लाभ देते हुए 4244 अभ्यर्थियों के कोटिवार चयन का रिजल्ट जारी किया. इसमें आरक्षित कोटा के 3476 अभ्यर्थी शामिल हैं. पीटी में आरक्षण का लाभ देने को अभ्यर्थी कुमार सन्यम व अन्य की ओर से चुनौती दी गयी है. उन्होंने झारखंड हाइकोर्ट में रिट याचिका दायर कर पीटी रिजल्ट को नियमावली व विज्ञापन की शर्तों के विरुद्ध बताते हुए रद्द करने की मांग की है.

प्रावधान नहीं रहने पर भी आरक्षण का लाभ :

प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने याचिका दायर की है. उन्होंने बताया कि पीटी में आरक्षण का प्रावधान नहीं रहने के बाद भी आयोग ने आरक्षण का लाभ देते हुए रिजल्ट जारी किया, जो पूरी तरह से असंवैधानिक व नियम विरुद्ध है. झारखंड हाइकोर्ट में विभिन्न मामलों में जेपीएससी द्वारा दायर शपथ पत्र के भी विरुद्ध है.

उसमें कहा गया था कि किसी भी पीटी में आरक्षण का लाभ देने का कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन सातवीं से 10वीं पीटी में आरक्षण का लाभ देकर जेपीएससी ने हाइकोर्ट के आदेश की भी अवहेलना की है. पीटी में 4244 चयनित अभ्यर्थियों में सामान्य कैटेगरी के सिर्फ 768 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है. शेष अभ्यर्थी आरक्षित कैटेगरी के चयनित किये गये हैं. प्रार्थियों ने कहा कि सातवीं से 10वीं संयुक्त सिविल सेवा पीटी का रिजल्ट कानून, हाइकोर्ट के आदेश व जेपीएससी के स्वयं के दायर शपथ पत्रों के विरुद्ध है. इसलिए पीटी के रिजल्ट को निरस्त किया जाना चाहिए.

नियमावली में कुल रिक्ति का 15% रिजल्ट देने का प्रावधान

दी झारखंड कंबाइंड सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन (संशोधित) रूल्स-2021 के अनुसार प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) में कुल रिक्ति का 15 प्रतिशत रिजल्ट निकालने की बात कही गयी है. आरक्षण का लाभ देने का कोई प्रावधान नहीं है. वर्ष 2001 की नियमावली में भी किसी पीटी में आरक्षण का लाभ देने का प्रावधान नहीं था.

जेपीएससी ने बताया था, नहीं है कोई प्रावधान

झारखंड हाइकोर्ट में प्रभु प्रकाश उरांव के (केस संख्या-986/2020) मामले में जेपीएससी सचिव ने शपथ पत्र दायर कर बताया था कि किसी भी पीटी में आरक्षण देने का कोई प्रावधान नहीं है. 14 जुलाई 2021 को झारखंड हाइकोर्ट की खंडपीठ द्वारा अपील याचिका 226/2018 में भी राज्य सरकार, जेपीएससी व जेएसएससी के शपथ पत्र के आलोक में आदेश पारित किया था, जिसमें कहा गया है कि पीटी में आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है.

Posted By : Sameer Oraon

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Published Date

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