युवती को मुक्त कराने के लिए टीम बनी, जायेगी दिल्ली, 13 साल में केवल एक बार घर आ सकी थी
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :20 Jan 2020 8:14 AM (IST)
विज्ञापन

रांची/नामकुम : प्रभात खबर में खबर प्रकाशित होने के बाद पुलिस हरकत में आ गयी है. ह्यूमन ट्रैफिकिंग की शिकार युवती के दिल्ली में बंधक होने की जानकारी मिलने के बाद रांची सह पलामू रेंज के डीआइजी एवी होमकर ने रांची एसएसपी से बात कर युवती की तलाश कर उसे रेस्क्यू कर लाने और ट्रैफिकर […]
विज्ञापन
रांची/नामकुम : प्रभात खबर में खबर प्रकाशित होने के बाद पुलिस हरकत में आ गयी है. ह्यूमन ट्रैफिकिंग की शिकार युवती के दिल्ली में बंधक होने की जानकारी मिलने के बाद रांची सह पलामू रेंज के डीआइजी एवी होमकर ने रांची एसएसपी से बात कर युवती की तलाश कर उसे रेस्क्यू कर लाने और ट्रैफिकर महिला की तलाश करने के लिए टीम का गठन किया है. वहीं, थाना प्रभारी इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस कार्रवाई में जुट गयी है. परिजनों द्वारा बताये गये नंबरों का पता लगाया जा रहा है ताकि जल्द लड़की तक पहुंचा जा सके. पुलिस की टीम जल्द दिल्ली जायेगी और लड़की को वापस लाने का काम करेगी.
13 साल में केवल एक बार घर आ सकी थी
परिजनों ने घर की दयनीय स्थिति को देखते हुए कलेजे के टुकड़े को काम करनेके लिए दिल्ली भेज दिया था, लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि 11 साल की बेटी दिल्ली की चकाचौंध में खो जायेगी. 11 साल की उम्र में परिवार से दूर होकर दिल्ली गयी नाबालिग अब 24 वर्ष की हो गयी है. पिछले 13 साल में युवती एक बार तीन-चार दिनों के लिए रांची अपने घर आयी थी. दोबारा दिल्ली जाने के बाद से अब तक कोई अता-पता नहीं है. मानव तस्करी की शिकार हुई थाना क्षेत्र के हुडवा पंचायत के पारेद गांव की 24 वर्षीय युवती के घर में सन्नाटा पसरा है. परिजन अपनी बड़ी बेटी की सकुशल वापसी के इंतजार में हैं. जानकारी के मुताबिक मुंशी मुंडा की तीन बेटियां व एक बेटा है. तस्करी की शिकार युवती सबसे बड़ी बेटी है.
परिवार में मुंशी मुंडा के अलावा उसकी पत्नी सुगनी देवी, मंझली बेटी बिरसी, छोटी बेटी मनीषा और बेटा दशरथ मुंडा है. परिवार की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय है. इसी का फायदा उठाकर जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र की रहनेवाली एक महिला लड़की को काम दिलाने के बहाने दिल्ली ले गयी. वहीं बिरसी ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति को देखते हुए वह भी बहन की तरह काम करने दिल्ली गयी थी. चार साल तक मजदूरी और दाई का काम किया. घरवालों से दूर रहने में तकलीफ होती थी तो चार साल बाद रांची लौट आयी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




