रांची : शिक्षकों ने कहा, जानबूझ कर परेशान कर रहा विवि
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :18 Dec 2019 9:36 AM (IST)
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रांची : रांची विवि द्वारा बर्खास्त केसीबी कॉलेज बेड़ो के तीन शिक्षकों ने कहा है कि विवि जानबूझ कर उन्हें परेशान कर रहा है.शिक्षक उमेश नाथ तिवारी ने कहा है कि सत्र 1977-79 में एमए अंग्रेजी की परीक्षा में शामिल हुए, परीक्षाफल 1981 में आया. इससे संतुष्ट नहीं होने पर हाइकोर्ट में याचिका दायर की. […]
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रांची : रांची विवि द्वारा बर्खास्त केसीबी कॉलेज बेड़ो के तीन शिक्षकों ने कहा है कि विवि जानबूझ कर उन्हें परेशान कर रहा है.शिक्षक उमेश नाथ तिवारी ने कहा है कि सत्र 1977-79 में एमए अंग्रेजी की परीक्षा में शामिल हुए, परीक्षाफल 1981 में आया. इससे संतुष्ट नहीं होने पर हाइकोर्ट में याचिका दायर की. कोर्ट ने पुन: मूल्यांकन कराने का आदेश दिया. इसके बाद विवि ने अंक पत्र सुधार कर जारी किया. विवि ने इसी अंक पत्र को सत्यापित कर सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र जमा किया. 36 साल बाद विवि द्वारा अंक पत्र गलत बताना समझ से परे है.
कोर्ट ने उन्हें वेतन भुगतान का भी आदेश दिया है. इसी प्रकार शिक्षक डॉ जमील असगर ने कहा है कि वे 1983 में एमए अर्थशास्त्र की परीक्षा में शामिल हुए.
दो विषयों के अंक से संतुष्ट नहीं होने पर विवि में पुन: मूल्यांकन के लिए आवेदन दिया. निर्धारित शुल्क भी जमा किया. इस बीच उन्हें जानकारी दी गयी कि परीक्षा विभाग से गणित की उत्तरपुस्तिका गायब है. इसलिए सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा नियंत्रक ने अौसत अंक दिया है. जबकि यह निर्णय परीक्षा बोर्ड से होना चाहिए था. इसका विरोध भी किया. अब विवि का कहना है कि अंक पत्र व टेबुलेशन सेंटर में अलग-अलग अंक हैं. वहीं कोर्ट ने भी वेतन भुगतान करने का आदेश दिया है. इसके बावजूद बर्खास्त कर दिया गया.
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