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रांची में हुई दुष्कर्म की दो घटनाओं पर हुई सुनवाई, हाइकोर्ट ने की टिप्पणी, ऐसा फैसला सुनायेंगे, जो सबके लिए सीख होगी

Updated at : 07 Dec 2019 7:17 AM (IST)
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रांची में हुई दुष्कर्म की दो घटनाओं पर हुई सुनवाई, हाइकोर्ट ने की टिप्पणी, ऐसा फैसला सुनायेंगे, जो सबके लिए सीख होगी

रांची : झारखंड हाइकोर्ट ने शुक्रवार को वर्ष 2013 में डोरंडा में हुए छह वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म व हत्या मामले में स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कड़ी नाराजगी जतायी. चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने सरकार के जवाब को सुनने के […]

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रांची : झारखंड हाइकोर्ट ने शुक्रवार को वर्ष 2013 में डोरंडा में हुए छह वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म व हत्या मामले में स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कड़ी नाराजगी जतायी. चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने सरकार के जवाब को सुनने के बाद माैखिक रूप से टिप्पणी की. कहा कि हम ऐसा फैसला सुनायेंगे, जो सभी के लिए एक सीख होगी.

खंडपीठ ने इस मामले में पुलिस की भूमिका पर भी नाराजगी जतायी. कहा कि पुलिस मामले की छह साल से जांच कर रही है. इतना समय बीत जाने के बाद भी अब तक मामले में चार्जशीट दायर नहीं हो सकी है. दुष्कर्मी हत्यारे पुलिस की पकड़ से बाहर हैं. यह पुलिस के लिए शर्मनाक है. घटना के बाद कड़े कदम उठाये जाने चाहिए थे. देखा जाये तो पुलिस की अब तक की सफलता पांच प्रतिशत भी नहीं है. जांच के नाम पर पुलिस ने केस का भट्ठा बैठा दिया. ऐसा प्रतीत होता है कि सजा दिलाने के प्रति पुलिस इच्छुक नहीं है. जांच के नाम पर टाइम पास कर अनुसंधान को लंबा खींचा जा रहा.

अब भी पुलिस को तीन माह का समय चाहिए. खंडपीठ ने मामले की जांच कर रहे सीआइडी के आइजी को सशरीर हाजिर होने का निर्देश दिया. इससे पूर्व मामले में अधिवक्ता राजीव कुमार ने खंडपीठ को बताया कि डोरंडा के दर्जी मुहल्ला में 24 अप्रैल 2013 को मासूम की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गयी थी.पुलिस छह साल से मामले की जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रही है

राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता मनोज टंडन ने खंडपीठ को बताया कि मामले में 11 संदिग्ध को पुलिस ने पकड़ा था. पॉलीग्राफिक टेस्ट भी कराया गया है. मामले में सीएफएल की जांच रिपोर्ट मिल गयी है. वरीय अधिकारी का कहना है कि रिपोर्ट से पता चल गया है कि डोरंडा दुष्कर्म व हत्या मामले में काैन-काैन शामिल हैं. तीन माह में जांच पूरी कर ली जायेगी. उल्लेखनीय है कि झारखंड हाइकोर्ट ने डोरंडा में मासूम के साथ हुए दुष्कर्म व हत्या मामले को गंभीरता से लेते हुए उसे जनहित याचिका में तब्दील कर दिया था.

कोर्ट की टिप्पणी

छह साल से जांच कर रही पुलिस, केस का भट्ठा बैठाया

जांच के नाम पर टाइम पास कर लंबा खींचा जा रहा है

कांके गैंग रेप की घटना दुखद और शर्मसार करनेवाली

रांची : हाइकोर्ट ने शुक्रवार को कांके के संग्रामपुर इलाके में लॉ की छात्रा से हुए गैंग रेप मामले में सुनवाई करते हुए विधि-व्यवस्था पर टिप्पणी की. चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि दुष्कर्म की घटनाअों के बाद समाज जग जाता है. फिर कुछ दिनों के बाद वह स्लीपिंग मोड में आ जाता है. कांके गैंग रेप घटना का स्पीडी ट्रायल होगा. इस मामले में दुष्कर्मियों का अंजाम एक सबक के रूप में सामने आयेगा. डोरंडा दुष्कर्म व हत्या मामले का जो हश्र हुआ है, वह कांके गैंग रेप केस में नहीं होगा. यह घटना दुखद व शर्मसार करनेवाली है.

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