दुमका में शिबू-हेमंत का मकान गिराये, जमीन की जांच कराये प्रशासन : निशिकांत दुबे
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :22 Aug 2019 8:30 AM (IST)
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रांची : झामुमो द्वारा राज्यभर में सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ आंदोलन चलाया जा रहा है़ इस पर सांसद श्री दुबे ने कहा कि झामुमो सीएनटी-एसपीटी की बात करता है और शिबू, हेमंत आदिवासियों की ही जमीन हड़प रहे है़ं दुमका में शिबू व हेमंत ने मकान खरीदा है़ इसके चारों तरफ की जमीन दान […]
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रांची : झामुमो द्वारा राज्यभर में सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ आंदोलन चलाया जा रहा है़ इस पर सांसद श्री दुबे ने कहा कि झामुमो सीएनटी-एसपीटी की बात करता है और शिबू, हेमंत आदिवासियों की ही जमीन हड़प रहे है़ं दुमका में शिबू व हेमंत ने मकान खरीदा है़ इसके चारों तरफ की जमीन दान पत्र से ली गयी है़
प्रशासन इसकी जांच कर कार्रवाई करे़ दुमका में उनका मकान गिराये़ इसके लिए तो खुद शिबू सोरेन और हेमंत सोरेन को भी आगे आना चाहिए, अगर वह सही में आदिवासियों के शुभचिंतक है़ं श्री दुबे ने कहा कि भले ही मकान शिबू सोरेन और हेमंत सोरेन ने खरीदी हो, लेकिन उसके चारों तरफ की जमीन आदिवासियों से ली गयी है़ कानून का उल्लंघन हुआ है़
सांसद ने कहा कि झामुमो के लोग उनका राज्य भर में पुतला जला रहे हैं, तो ऐसे में मेरे उठाये सवालों का जवाब देना चाहिए़ सांसद ने कहा कि मैंने एसपीटी एक्ट को लेकर बहुत ही साफ और प्रामाणिक बात कही थी़ मैंने कहा था कि आदिवासियों को जमीन खरीद-बिक्री की छूट नहीं मिलनी चाहिए़ उनका अधिकार संरक्षित रहना चाहिए़ लेकिन एसपीटी एक्ट में गैर आदिवासी को जमीन खरीद-बिक्री की छूट मिलनी चाहिए़ श्री दुबे ने कहा कि 1934 में जार्ज रसेल की कमेटी की अनुशंसा पर एसपीटी एक्ट 1949 में लागू हुआ़
इस कमेटी की अनुशंसा थी कि आदिवासी कम पढ़े लिखे हैं, ऐसे में उनके राइट का प्रोटेक्शन होना चाहिए़ इनको जमीन खरीद-बिक्री की छूट नहीं मिलनी चाहिए़ लेकर गैर आदिवासी को छूट दिया जाना चाहिए़ लेकिन उस समय गैर आदिवासियों पर भी कानून लागू कर दिया गया़ मैंने उसे हटाने की बात कही थी़ झामुमो इस बात को गलत तरीके से पेश कर रहा है़ श्री दुबे ने कहा कि मैं आज भी मानता हूं कि आदिवासियों के जमीन की रक्षा होनी चाहिए़
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