मुफीज ने कहा- शुक्रिया मुख्यमंत्री जी, आपकी पहल से परिवार संग मनायी बकरीद
Author Prabhat khabar digital desk
Updated:
विज्ञापन

रांची : ईद उल अजहा (बकरीद) के दिन हिंदपीढ़ी के निजाम नगर निवासी मुफीज के घर दोहरी खुशी आयी. एक खुशी त्योहार की, तो दूसरी खुशी सऊदी अरब में जिल्लत की जिंदगी जी रहे मुफीज के घर लौटने की. यातनाओं और मुसीबतों को झेल कर ढाई साल बाद सोमवार को रांची लौटा मुफीज एयरपोर्ट से […]
विज्ञापन
रांची : ईद उल अजहा (बकरीद) के दिन हिंदपीढ़ी के निजाम नगर निवासी मुफीज के घर दोहरी खुशी आयी. एक खुशी त्योहार की, तो दूसरी खुशी सऊदी अरब में जिल्लत की जिंदगी जी रहे मुफीज के घर लौटने की. यातनाओं और मुसीबतों को झेल कर ढाई साल बाद सोमवार को रांची लौटा मुफीज एयरपोर्ट से बाहर आते ही भाई खुर्शीद आलम के गले लग गया.
उसकी आंखों से आंसू छलक आये. खुर्शीद ने रुंधे गले से बोला….ईद-उल-अजहा मुबारक भाई जान. इधर, परिजनों ने कहा : मुख्यमंत्री रघुवर दास के प्रयास से मुफीज त्योहार के दिन घर लौट सका. ऐसा मुख्यमंत्री सबको मिलना चाहिए. इनकी बदौलत ही परिवार में खुशियां लौटीं.
वहीं, मुफीज ने भी कहा कि मुख्यमंत्री जी की पहल से बकरीद के िदन मैं अपने घर आ सका और परिवार संग खुशियों में शामिल हो सका. उसने कहा कि चंद पैसे के लोभ में अपना वतन नहीं छोड़ना चाहिए.
ढाई साल बाद सऊदी से रांची लौटा
अपनों को देख मुफीज की खुशी से छलके आंसू, कहा
जहन्नुम से मिली आजादी, अपने वतन में काम करो, इस पैसे ने देश छुड़ाया, चंद पैसों की खातिर परदेस नहीं जायें
पैसा कमाने गया था सऊदी
पेशे से मोटरसाइकिल मैकेनिक मुफीज ने बताया कि वह मार्च 2017 में दुबई गया था. उसका दोस्त हिंदपीढ़ी निवासी मुअज्जम ने कहा कि दुबई चलो 60 हजार रुपये पगार मिलेगा. मुफीज जब दुबई पहुंचा, तो कंपनी के मालिक मोहम्मद जहिया हुसैन ने कहा कि 18,000 रुपये देंगे. उसे लगा कि उनके साथ छलावा हो गया.
इसकी सूचना उसने घरवालों को दी. जब वह घर लौटने की बात कही, तो मालिक ने कहा कि एक साल का अनुबंध है. घर नहीं जा सकते. एक साल तक यहां काम करना होगा. एक साल बीतने के बाद जब उसने रांची जाने की बात कही, तो उसे प्रताड़ित किया जाने लगा.
काम छोड़ा, तो लगाया चोरी का आरोप
एक दिन मुफीज ने कंपनी छोड़ दी, तो उसके मालिक ने उस पर चोरी का आरोप लगा दिया. सऊदी अरब की पुलिस ने उसे पकड़ा और 24 दिनों बाद छोड़ा. उस पर लगा चोरी का आरोप गलत साबित हुआ. मुफीज ने कहा : मुअज्जम अली ने फर्जी कागजात बनवाये थे. वह भी मेरी परेशानी का सबब बना.
इसके बाद मैंने किसी तरह किराये के घर में चार माह बिताया, जो किसी जहन्नुम से कम नहीं था. घरवालों ने एक लाख तीस हजार रुपये खर्च के लिए भेजा. वहीं, डोरंडा की रहनेवाली व राज्यसभा सांसद कहकशां प्रवीण से परिजन मिले थे. इसके बाद परिजन मुख्यमंत्री रघुवर दास से भी मिले. इसके बाद मेरे घर लौटने का रास्ता साफ हो सका.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










