रांची : कार्गो सेवा से 20 प्रतिशत ही हो रही माल ढुलाई

Updated at : 02 Aug 2019 6:25 AM (IST)
विज्ञापन
रांची : कार्गो सेवा से 20 प्रतिशत ही हो रही माल ढुलाई

बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से पांच साल में लगातार बढ़ी है कार्गो सेवा रांची : बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से पिछले पांच वर्षों में कार्गों सेवा में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. लेकिन, अब भी 80 प्रतिशत जगह खाली ही रहता है. कार्गो के अधिकारी ने बताया कि रांची से विभिन्न शहरों के लिए 24 फ्लाइट प्रतिदिन […]

विज्ञापन
बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से पांच साल में लगातार बढ़ी है कार्गो सेवा
रांची : बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से पिछले पांच वर्षों में कार्गों सेवा में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. लेकिन, अब भी 80 प्रतिशत जगह खाली ही रहता है. कार्गो के अधिकारी ने बताया कि रांची से विभिन्न शहरों के लिए 24 फ्लाइट प्रतिदिन आना-जाना करती हैं. इनमें फिलवक्त महज 20 प्रतिशत ही माल ढुलाई हो रही है. जागरूकता नहीं होने के कारण शेष 80 प्रतिशत खाली रहता है.
गौरतलब है कि बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से एयर इंडिया, इंडिगो, गो एयरवेज, एयर एशिया और विस्तारा एयरवेज की विमान विभिन्न शहरों के लिए उड़ान भरते हैं. वहीं, रांची से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, पटना, रायपुर के लिए सीधी विमान सेवाएं हैं. एक हवाई जगह में औसतन तीन से चार टन सामान भेजा जा सकता है. वर्तमान में बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से औसतन 10 से 20 टन सामान ही भेजा जा रहा है.
सुरक्षा कारणों से नहीं भेजा जाता है कटहल
झारखंड में कटहल का उत्पादन बहुत होता है. लेकिन सुरक्षा कारणों व अंधविश्वास के कारण कटहल को विमान से दूसरे शहरों में नहीं भेजा जाता है.
एयर लाइंस के एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि पहला कारण यह है कि कटहल के अंदर छेद कर कुछ भी आपत्तिजनक सामान ले जाया जा सकता है. वहीं, दूसरा कारण अंधविश्वास है. मान्यता यह है कि सफर के दौरान कटहल ले जाने से कुछ गलत हो जाता है. इसमें टायर पंक्चर या अन्य घटना हो सकती है. इस कारण कटल को नहीं ले जाया जाता है. वहीं, झारखंड से मटर और बीन की डिमांड अधिक होने से यह कार्गो सेवा से भेजा जाता है.
एयरपोर्ट प्रबंधन देता है सुविधा
बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के निदेशक विनोद शर्मा ने कहना है कि कार्गो सेवा की सुविधा दी जाती है, लेकिन इसकी मार्केटिंग एयर लाइंस को करना है. पिछले पांच वर्षों में कार्गों सेवा में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. जागरूकता बढ़ने से कार्गो सेवा में बढ़ोतरी होगी. जहां तक कार्गो के जरिये कटहल ले जाने की बात है, तो यह एयरलाइंस में निर्भर करता है कि वह क्या ले जाना चाहती है या क्या नहीं.
फिलीपींस और मंगोलिया में कटहल की है डिमांड
फिलीपींस और मंगोलिया में कटहल का डिमांड बहुत अधिक है. वर्ष 2018-19 में खेलगांव में हुए एग्रीकल्चर समिट में फिलीपींस और मंगोलिया के प्रतिनिधियों ने कहा था कि झारखंड में जितना कटहल होता है, उसकी खपत करने के लिए तैयार है. लेकिन इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया.
रांची से इंटरनेशनल कार्गो सेवा शुरू करने की चल रही है बात
एयरपोर्ट निदेशक विनोद शर्मा ने कहा कि बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से इंटरनेशनल कार्गो सेवा शुरू करने की बात चल रही है. फिलवक्त बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से अभी अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा नहीं है. इस कारण कस्टम व इमिग्रेशन नहीं होता है. विभिन्न एयरलाइंस कनेक्टिंग फ्लाइट के माध्यम से यह सेवा शुरू करेगी.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola