अंतरराष्ट्रीय बांस दिवस : दुमका बांस कारीगर मेला में जुटेंगे देश-विदेश के खरीदार

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 01 Aug 2019 4:56 AM

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मेले में स्वीडन, दुबई, अबू धाबी व यूरोपीय कंपनियों के खरीदार भाग लेंगे फैब इंडिया का भी स्टॉल लगेगा, मेले में बांस उत्पाद की जानकारी मिलेगी रांची : मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्योग विकास बोर्ड द्वारा बांस कारीगर मेला ( बंबू आर्टिजन कॉन्क्लेव) का आयोजन दुमका में किया जा रहा है. अंतरराष्ट्रीय बांस दिवस पर […]

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मेले में स्वीडन, दुबई, अबू धाबी व यूरोपीय कंपनियों के खरीदार भाग लेंगे
फैब इंडिया का भी स्टॉल लगेगा, मेले में बांस उत्पाद की जानकारी मिलेगी
रांची : मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्योग विकास बोर्ड द्वारा बांस कारीगर मेला ( बंबू आर्टिजन कॉन्क्लेव) का आयोजन दुमका में किया जा रहा है. अंतरराष्ट्रीय बांस दिवस पर दुमका में 18 और 19 सितंबर को दो दिवसीय बांस कारीगर मेला का आयोजन किया जायेगा. ये बातें उद्योग सचिव के रवि कुमार ने बुधवार को सूचना भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहीं.
उद्योग सचिव ने बताया कि इस मेले में स्वीडन की आइकिया, दुबई, नॉर्वे, अबू धाबी और यूरोपीय कंपनियों के खरीदार और अन्य भाग लेंगे. फैब इंडिया के स्टॉल भी लगेंगे. दो दिवसीय मेले में बांस के उत्पादों की जानकारी मिल सकेगी. उन्होंने कहा कि मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को आमंत्रित किया गया है.
मुख्यमंत्री रघुवर दास भी रहेंगे. दस हजार से अधिक बांस करीगर मेला में जुटेंगे. बांस उद्योग में पारंपरिक तरीके से यहां सूप व दौड़ा बनते हैं, पर अब आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर कई वस्तुओं का निर्माण होता है. उद्योग विभाग ई-मार्केट, ई-कॉमर्स और डिजिटल मार्केटिंग के लिए युवाओं व कारीगरों को प्रशिक्षित भी करेगा. श्री कुमार ने बताया कि राज्य में लगभग पांच लाख लोग बांस उद्योग से जुड़े हुए हैं.
बंबू फूड स्टॉल भी होगा, सम्मानित किये जायेंगे कारीगर
मेले में बांस से बनी खाद्य सामग्री के स्टॉल भी लगेंगे. जिसमें अचार व बंबू बिरयानी भी शामिल रहेंगे. उद्योग सचिव ने बताया कि मेला के दौरान पारंपरिक एवं आधुनिक शिल्प कौशल में सर्वश्रेष्ठ बांस कारीगरों को सुविधा प्रदान की जायेगी. इन श्रेणियों में पहले तीन कारीगर नकद पुरस्कार से सम्मानित होंगे. मेले में 50000 कारीगरों को कार्ड वितरण एवं 2700 से अधिक चुनिंदा कारीगरों को बांस उपकरण किट प्रदान करने की योजना है. कारीगरों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए बैंकर और माइक्रो फाइनेंस कंपनियां भी मेले में हिस्सा लेंगी.
बांस क्षेत्र के विकास के लिए चार नये सीएफसी की शुरुआत
श्री के रवि कुमार ने बताया कि कॉमन फैसिलिटी सेंटर्स के माध्यम से बैंबू सेक्टरों के पोषण और विकास के लिए चार नये सीएफसी शुरू किये जा चुके हैं. जहां नयी तकनीक से बांस उद्योग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. राज्यभर में 2500 मिलियन टन बांस का उत्पादन होता है. कोशिश है कि इसकी खेती बढ़े, इससे पर्यावरण को भी फायदा होगा.
रूरल डेवलपमेंट पॉलिसी बना रही राज्य सरकार
उद्योग सचिव ने बताया कि बांस उद्योग के लिए झारखंड रूरल डेवलपमेंट पॉलिसी भी बन रही है. इसमें सभी ग्रामीण उद्योगों के विकास की योजना तैयार होगी. इस अवसर पर मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड के सीईओ अजय कुमार सिंह एवं पीआरडी निदेशक राम लखन प्रसाद गुप्ता एवं अन्य मौजूद थे.
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