लेनिन हॉल में 19 साल तक झारखंड का गढ़ा गया भविष्य, कई खट्टी-मीठी यादों का बना गवाह

रांची :एचइसी का लेनिन हॉल विधानसभा के रूप में झारखंड के संसदीय इतिहास का अतीत बनने की ओर है. वर्ष 2000 में झारखंड राज्य गठन के बाद यह भवन लोकतंत्र की आस्था का मंदिर बना. नयी उम्मीदों से भरे झारखंडियों का भविष्य गढ़ने जनप्रतिनिधि इसी हॉल में बैठने लगे.इस हॉल ने कई सरकार को बनते […]
रांची :एचइसी का लेनिन हॉल विधानसभा के रूप में झारखंड के संसदीय इतिहास का अतीत बनने की ओर है. वर्ष 2000 में झारखंड राज्य गठन के बाद यह भवन लोकतंत्र की आस्था का मंदिर बना. नयी उम्मीदों से भरे झारखंडियों का भविष्य गढ़ने जनप्रतिनिधि इसी हॉल में बैठने लगे.इस हॉल ने कई सरकार को बनते व बिगड़ते देखा.
झारखंडी मानस के सपनों को ऊंचाई दी, तो राजनीतिक मान्यताएं और परंपरा भी इस छोटे से हॉल में ध्वस्त हुईं. राजनीति के उतार-चढ़ाव के साथ राजनीतिक रोमांच की पटकथा भी इसी हॉल में लिखी गयी़ इस हॉल में पहली बैठक 21 नवंबर 2000 को हुई़ मॉनसून सत्र का समापन 27 जुलाई 2019 को इस हॉल में हुआ.
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