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रांची : मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की समीक्षा की, कहा, पंचायतों में 10 दिनों के अंदर उज्ज्वला दीदी की करें नियुक्ति

Updated at : 23 Jun 2019 6:32 AM (IST)
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रांची : मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की समीक्षा की, कहा, पंचायतों में 10 दिनों के अंदर उज्ज्वला दीदी की करें नियुक्ति

रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि आपके लगन, समर्पण और ईमानदार कोशिश का परिणाम है कि राज्य की 29 लाख महिलाओं को उज्ज्वला योजना का लाभ मिला है. 16 मई 2014 में झारखंड में 27 प्रतिशत एलपीजी कनेक्शन था, वह आज साढ़े चार वर्ष बाद 82.6 प्रतिशत हो गया है. अब विस्तारित प्रधानमंत्री […]

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रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि आपके लगन, समर्पण और ईमानदार कोशिश का परिणाम है कि राज्य की 29 लाख महिलाओं को उज्ज्वला योजना का लाभ मिला है. 16 मई 2014 में झारखंड में 27 प्रतिशत एलपीजी कनेक्शन था, वह आज साढ़े चार वर्ष बाद 82.6 प्रतिशत हो गया है.
अब विस्तारित प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना-2 के माध्यम से दो माह में 14 लाख महिलाओं को इस योजना से लाभान्वित कर राज्य को शत प्रतिशत उज्ज्वला योजना से आच्छादित करना है. प्रधानमंत्री की इस महत्वाकांक्षी योजना से राज्य की महिलाओं को धुआं रहित रसोई, उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करने में महती भूमिका अदा करनी है. श्री दास ने यह बातें शनिवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की समीक्षा बैठक में कही.
मुख्यमंत्री ने सभी 20 सूत्री जिला व प्रखंड के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष से कहा कि सभी पंचायतों में अगले 10 दिनों के अंदर उज्ज्वला दीदी नियुक्त करें. इनके माध्यम से हमें 14 लाख नये एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने के लक्ष्य को प्राप्त करना है.
नियुक्ति से पूर्व इस बात का ध्यान रहे कि बहुसंख्यक आदिवासी और दलित पंचायतों में प्राथमिकता दलित और आदिवासी बहनों को मिलनी चाहिये. उज्ज्वला दीदी को साक्षर, कार्य के प्रति समर्पित और ईमानदार होना आवश्यक है. आनेवाले दिनों में प्रमंडल, जिला, प्रखंड और पंचायत स्तरीय सम्मेलन का आयोजन कर उज्ज्वला दीदी के कार्य को विस्तार से समझाया जायेगा.
जुलाई में 1002 पंचायतों में उज्ज्वला पंचायत लगेगी : श्री दास ने कहा कि पूरे राज्य में जुलाई माह में 1002 उज्ज्वला पंचायत (एलपीजी पंचायत) का आयोजन किया जायेगा.
पंचायत भवन या किसी अन्य स्थान पर शिविर लगाकर छूटे हुए लोगों को योजना से जोड़ें. इस कार्य में तेल कंपनियां सहायता प्रदान करेंगी. जिला 20 सूत्री अध्यक्ष और उपाध्यक्ष इन सभी से समन्वय स्थापित कर कार्य करें. बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार बर्णवाल, सभी जिला 20 सूत्री के उपाध्यक्ष, प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, आइओसीएल के मुख्य प्रबंधक, एलपीजी झारखंड रमेश कुमार, एचपीसीएल के उप महाप्रबंधक, एलपीजी झारखंड के प्रणय कुमार, बीपीसीएल के क्षेत्रीय प्रबंधक रजत बंसल समेत कई अधिकारी उपस्थित थे.
हर वर्ग को मिला सम्मान : राज्य 20 सूत्री के उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार गरीबों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित सरकार है. उज्जवला योजना के तहत हर वर्ग के लोगों को सम्मान मिला है. इस योजना से वंचित 14 लाख परिवारों को एलपीजी कनेक्शन दिलाने के लिए 20 सूत्री से जुड़े सभी पदाधिकारी मिशन मोड में कार्य शुरू करें.
समन्वय स्थापित कर हासिल करें लक्ष्य : खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव डॉ अमिताभ कौशल ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 14 लाख वंचित परिवारों को एलपीजी कनेक्शन का लक्ष्य जिलावार उपलब्ध कराया गया है. ऑयल कंपनी व 20 सूत्री समिति समन्वय स्थापित कर लक्ष्य हासिल करें.
जल्द पूरा होगा लक्ष्य : इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के मुख्य प्रबंधक, एलपीजी झारखंड रमेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखंड में शत-प्रतिशत उपभोक्ताओं तक एलपीजी कनेक्शन पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है. सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है. एलपीजी पंचायत के साथ समन्वय स्थापित कर जल्द लक्ष्य पूरा किया जायेगा.
राज्य का वन घनत्व व क्षेत्रफल राष्ट्रीय औसत 33 प्रतिशत से अधिक हुआ
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पिछले चार वर्षों में वन क्षेत्र में लगभग साढ़े तीन प्रतिशत की वृद्धि हुई है. यह बड़ी उपलब्धि है. राज्य के वन घनत्व और क्षेत्रफल में विस्तार हुआ है. झारखंड में वन क्षेत्र 33 प्रतिशत के राष्ट्रीय औसत से अधिक हुआ. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का यह सकारात्मक प्रभाव है. श्री दास ने यह बातें राज्य 20 सूत्री समिति की बैठक में कही.
उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों में निरंतर वृद्धि होना झारखंड वासियों के लिए बड़ी उपलब्धि है. जिस प्रकार देश में सिकुड़ते वन क्षेत्र और राज्य के वन क्षेत्रों में कमी आयी थी, वह चिंता का विषय था. परंतु पिछले साढ़े चार वर्षों की सरकार और जनता के प्रयास से वन क्षेत्रों में हुई वृद्धि की रिपोर्ट अच्छी खबर लेकर आयी है.
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना बनी सहायक
सीएम ने कहा कि राज्य के वृक्ष क्षेत्र तथा सघन वन क्षेत्र में 214 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई है. केंद्र सरकार की कई योजनाएं और खासकर प्रधानमंत्री उज्जवला योजना ने वन संरक्षण में अहम भूमिका निभायी है. केंद्र सरकार की उज्जवला योजना के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी गैस चूल्हों का उपयोग बढ़ा है, जिसके फलस्वरूप जलावन की लकड़ी के लिए जंगल को क्षति पहुंचना कम हुआ है.
पर्यावरण की दिशा में सकारात्मक पहल
श्री दास ने कहा कि पर्यावरण संतुलन को बनाये रखने के लिए मुख्यमंत्री जन वन योजना चलायी गयी है. इस योजना के लागू होने से पर्यावरण की दिशा में सकारात्मक परिणाम दिखे हैं. मुख्यमंत्री जन वन योजना के तहत वनाच्छादित क्षेत्रों को बढ़ाने की दिशा में बेहतर प्रयास हो रहे हैं. निजी भूमि पर भी पौधरोपण को बढ़ावा देकर किसानों की आय के साधन में वृद्धि के साथ-साथ राज्य के वन क्षेत्रों से दबाव को कम किया गया है.
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