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यूपीआइ से ठगी मामला: थाने-थाने दौड़ाने के बाद घर जाकर पुलिस ने दर्ज की पीएम के निजी सचिव के भाई से साइबर ठगी की प्राथमिकी

Updated at : 16 Dec 2018 6:57 AM (IST)
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यूपीआइ से ठगी मामला: थाने-थाने दौड़ाने के बाद घर जाकर पुलिस ने दर्ज की पीएम के निजी सचिव के भाई से साइबर ठगी की प्राथमिकी

रांची : प्रधानमंत्री के निजी सचिव प्रवीण टोपनो के भाई व आकाशवाणी के उदघोषक ओली मिंज के साथ हुई साइबर ठगी के मामले में रविवार को डोरंडा थाना मेें प्राथमिकी दर्ज की गयी़. पुलिस ओली मिंज के घर पहुंची और उनसे आवेदन लिया. चार दिन पहले ओली मिंज के अकाउंट से 50-50 हजार कर एक […]

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रांची : प्रधानमंत्री के निजी सचिव प्रवीण टोपनो के भाई व आकाशवाणी के उदघोषक ओली मिंज के साथ हुई साइबर ठगी के मामले में रविवार को डोरंडा थाना मेें प्राथमिकी दर्ज की गयी़. पुलिस ओली मिंज के घर पहुंची और उनसे आवेदन लिया. चार दिन पहले ओली मिंज के अकाउंट से 50-50 हजार कर एक लाख रुपये की निकासी कर ली गयी थी़ उनके अनुसार, यूपीआइ के माध्यम से रुपये का ट्रांसफर किया गया था़
ओली मिंज के बैंक में कार्यरत रिश्तेदारों ने बताया कि यूपीआइ से ट्रांसफर रुपये के वापस मिलने में काफी कठिनाई हाेती है, लेकिन यदि बैंक चाहे तो सब कुछ संभव है़ इधर, एसएसपी ने साइबर ठगी की प्राथमिकी दर्ज नहीं किये जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए सिटी एसपी को जांच का आदेश दे दिया है.
एसएसपी ने कहा कि रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जायेगी. वहीं, एसएसपी ने बताया कि जांच में पता चला है कि रुपये आसनसोल के महाराष्ट्र और देना बैंक के एटीएम से निकाले गये हैं. अब रांची पुलिस आसनसोल जाकर एटीएम का सीसीटीवी फुटेज निकालने की तैयारी कर रही है. पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज से अपराधियों को गिरफ्तार करने में मदद मिलेगी.
क्राइम मीटिंग में साइबर क्राइम के लिए विशेष रूप से सभी इंस्पेक्टर को स्पष्ट आदेश दिया गया था कि भुक्तभोगी किसी थाना क्षेत्र का हो, वह जहां प्राथमिकी दर्ज कराना चाहे करा सकता है़ जहां प्राथमिकी दर्ज होगी, वहीं के इंस्पेक्टर इसका अनुसंधान करेंगे़ तीन थानों द्वारा प्राथमिकी दर्ज नहीं किये जाने के मामले में सिटी एसपी को जांच का आदेश दिया गया है़ उनकी जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई होगी़ डोरंडा के मुंशी व ओडी अफसर ने निर्देश का अनुपालन नहीं किया, इसलिए उन पर कार्रवाई तय है़
– अनीश गुप्ता, एसएसपी
क्या है नियम
भुक्तभोगी के साथ कहीं भी घटना हो, वह चाहे तो अपने नजदीकी अथवा जिस थाना क्षेत्र में वह रहता है, वहां प्राथमिकी दर्ज करा सकता है़ यह नियम है कि किसी भी थाना में जीरो एफआइआर किया जा सकता है़ उसके बाद उस एफआइआर को संबंधित थाना, जहां घटना घटी है, वहां भेज दिया जायेगा़ वह थाना उस मामले का अनुसंधान करेगा़
डाेरंडा थाने में थानेदार से मिलने ही नहीं िदया था महिला मुंशी ने
बैंक खाते से पैसे निकाले जाने की जानकारी मिलने के बाद ओली मिंज साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने गये. उन्हें बताया गया कि साइबर थाना में दाे लाख या उससे अधिक की ठगी की प्राथमिकी दर्ज की जाती है.
इसके बाद वह सुखदेवनगर थाना पहुंचे. यहां कहा गया कि आप जिस क्षेत्र में रहते हैं, उस इलाके के थाने में प्राथमिकी दर्ज करायें. फिर वह जगन्नाथपुर थाना गये, लेकिन वहां भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी. ओली मिंज डोरंडा थाना क्षेत्र के बंधु नगर, बिरसा चौक के पास रहते हैं. अंत में वह डोरंडा थाना गये, जहां महिला मुंशी उनके साथ बदतमीजी से पेश आयी़ मुंशी ने थाना प्रभारी रमेश कुमार सिंह से उन्हें मिलने नहीं दिया. इसके बाद वह डोरंडा थाना से निराश होकर अपने घर लौट आये़
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