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… तो क्या नगर विकास मंत्री सीपी सिंह का भी आदेश नहीं मानते हैं रांची नगर निगम के अभियंता?

नया टोली में नहीं उखाड़ी गयी नाली, पुरानी की मरम्मत अब भी जारी है रांची : रांची नगर निगम के अभियंता ही नगर विकास मंत्री सीपी सिंह का आदेश नहीं मानते हैं. वार्ड नंबर-16 के नया टोली में नाली निर्माण के मामले में कुछ ऐसा ही हुआ है. स्थानीय लोगों की शिकायत पर चार दिसंबर […]

नया टोली में नहीं उखाड़ी गयी नाली, पुरानी की मरम्मत अब भी जारी है
रांची : रांची नगर निगम के अभियंता ही नगर विकास मंत्री सीपी सिंह का आदेश नहीं मानते हैं. वार्ड नंबर-16 के नया टोली में नाली निर्माण के मामले में कुछ ऐसा ही हुआ है.
स्थानीय लोगों की शिकायत पर चार दिसंबर को नगर विकास मंत्री ने नया टोली का दौरा किया था. इस दौरान उन्होंने देखा कि ठेकेदार नयी नाली बनाने के बजाय पुरानी नाली की ही जैसे-तैसे मरम्मत कर रहा है. इससे नाराज मंत्री सीपी सिंह ने नगर निगम के अभियंताओं को आदेश दिया था कि पूरी नाली को उखाड़ कर नये सिरे से नाली का निर्माण करायें. इस घटना को आज 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक मंत्री के आदेश का पालन नहीं हुआ है.
नया टोली में नाली निर्माण का यह काम पारस कंस्ट्रक्शन द्वारा कराया जा रहा है. इसकी लागत करीब 61 लाख रुपये है. घटिया नाली निर्माण को देखते हुए नगर विकास मंत्री ने पारस कंस्ट्रक्शन द्वारा राजधानी रांची में कराये जा रहे सभी कार्यों को तत्काल प्रभाव बंद कराने, इन कार्यों की जांच करने और कंपनी का भुगतान रोकने के भी आदेश दिये थे. लेकिन, रांची नगर निगम की अभियंत्रण शाखा ने आज तक ऐसी कोई भी कार्रवाई न तो कंपनी पर और न ही संबंधित ठेकेदार पर की है.
और तेज हो गयी है नाली निर्माण की रफ्तार
नगर विकास मंत्री ने जिस दिन कार्रवाई का आदेश दिया, उसके दूसरे ही दिन यानी पांच दिसंबर से ठेकेदार ने नया टोली में नाली निर्माण की रफ्तार और तेज कर दी है. स्थानीय लोग बताते हैं कि पहले हफ्ते में बमुश्किल दो या चार दिन नाली निर्माण का काम चलता था. लेकिन, जब से मंत्री ने निरीक्षण किया है, उसके बाद से रात-दिन काम किया जा रहा है. नाली निर्माण की गुणवत्ता पर स्थानीय लोग अब भी सवाल उठा रहे हैं.
सहायक के साथ गहरी बनती है ठेकेदार की
सूत्र बताते हैं कि नया टोली में नाली का निर्माण करा रहे ठेकेदार और नगर निगम की अभियंत्रण शाखा के एक चतुर्थवर्गीय कर्मचारी का गहरा याराना है. पिछले 10 साल से यह सहायक ही इस शाखा में सभी ठेकेदारों का राजदार और अभियंताओं का चहेता बना हुआ है. यही वजह है कि किस टेंडर में कौन-कौन ठेकेदार भाग लेंगे, किस ठेकेदार को टेंडर भरने से रोकना है, यह सब सहायक ही तय करता है. काम मिलने के बाद ठेकेदार इस सहायक को नजराना भी देते हैं.
आदेश दिया, कार्रवाई करना निगम का काम
निरीक्षण में काफी गड़बड़ियां पायी गयी थीं. इसके लिए स्पॉट पर हमने निगम के सभी अभियंताओं को भी बुलाया था. हमने कार्रवाई करने का आदेश भी दिया था. लेकिन, अब अगर निगम के अभियंता कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, तो इसमें मैं क्या कर सकता हूं. ठेकेदार को केवल नया टोली का नाली ही नहीं, सड़क का भी निर्माण करना है. लेकिन अब तक नाली का भी काम पूरा नहीं हुआ है.
सीपी सिंह, नगर विकास मंत्री
Prabhat Khabar Digital Desk
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