रांची : प्रज्ञा केंद्रों की खामियां दूर करना जरूरी : ज्यां
Updated at : 07 Aug 2018 6:41 AM (IST)
विज्ञापन

कई केंद्रों में लोगों से निर्धारित दर से अधिक पैसे वसूले जाने की मिल रही है िशकायत रांची : प्रज्ञा केंद्रों से दी जा रही सर्विस का लाभ तभी मिल सकेगा, जब इनकी खामियों को दूर किया जाये. ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे प्रज्ञा केंद्रों को अौर दुरुस्त करना होगा. इनकी निगरानी की भी जरूरत […]
विज्ञापन
कई केंद्रों में लोगों से निर्धारित दर से अधिक पैसे वसूले जाने की मिल रही है िशकायत
रांची : प्रज्ञा केंद्रों से दी जा रही सर्विस का लाभ तभी मिल सकेगा, जब इनकी खामियों को दूर किया जाये. ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे प्रज्ञा केंद्रों को अौर दुरुस्त करना होगा. इनकी निगरानी की भी जरूरत है.
यह बातें प्रो ज्यां द्रेज ने कही. उन्होंने कहा कि कई केंद्रों में लोगों से निर्धारित दर से कहीं अधिक पैसे वसूले जाते हैं. रेट चार्ज नहीं होता, जिसका केंद्र संचालक गलत फायदा उठाते हैं. इसके अलावा इन केंद्रों के द्वारा दी जा रही सर्विस को अनिवार्य नहीं, बल्कि वैकल्पिक बनाना चाहिए. प्रो द्रेज सोमवार को गोस्सनर कंपाउंड स्थित एचआरडीसी में प्रज्ञा केंद्रों के विस्तार पर आयोजित कार्यशाला में बोल रहे थे. कार्यशाला का आयोजन अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी की अोर से किया गया था.
इस अवसर पर प्रो राहुल ने प्रज्ञा केंद्रों पर हुए सर्वे की जानकारी देते हुए कहा कि प्रज्ञा केंद्रों में सिर्फ आवेदन दाखिल करने में ही सात घंटे का समय लगता है. प्रज्ञा केंद्रों से लोगों को क्या-क्या सेवा मिल रही है, इसकी भी पूरी जानकारी जनता को नहीं है. प्रो राजेंद्रन ने प्रज्ञा केंद्रों के माध्यम से बैंकिंग पर किये गये सर्वे के आधार पर बताया कि 94 प्रतिशत लोगों को अभी भी नहीं पता है कि प्रज्ञा केंद्रों के माध्यम से कोई बैंकिंग व्यवस्था संचालित हो रही है.
जो प्रज्ञा केंद्रों से बैंकिंग का काम कर रहे हैं, उन्हें भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इस अवसर पर जैप आइटी के शंभु कुमार अौर देव कुमार सिंह ने भी बातें रखी. दोनों ने कहा कि प्रज्ञा केंद्रों में कुछ खामियां थीं, उन्हें दूर करने का प्रयास किया गया है. जनता को दी जानेवाली सेवा का दायरा बढ़ाया गया है, ताकि प्रज्ञा केंद्र संचालकों को भी आमदनी हो. इसके अलावा ज्यादा राशि न वसूली जाये, इसके लिए भी उपाय किये गये हैं.
नहीं है पूरी जानकारी
94 % लोगों को नहीं पता है कि प्रज्ञा केंद्रों से कोई बैंकिंग व्यवस्था संचालित हो रही है
केंद्रों से क्या-क्या सेवा मिल रही है, इसकी भी पूरी जानकारी नहीं है
प्रज्ञा केंद्रों के द्वारा दी जा रही सर्विस को अनिवार्य नहीं, बल्कि वैकल्पिक बनाना चाहिए
जसोमति देवी ने अपनी व्यथा बतायी
सिमडेगा की पोबड़ा पंचायत के गुंजीटोली गांव की जसोमति ने कहा कि उसका पति पवन चिकबड़ाइक मध्य प्रदेश में चालक है, उसने उसके खाते में अलग-अलग समय में 54 हजार रुपये डाले. लगभग छह महीने पहले वह जब पैसे निकालने गयी, तो पता चला कि उसके खाते से पैसे पहले ही निकाल लिये गये हैं.
तकनीकी त्रुटि की वजह से जसोमति देवी के पैसे सिमडेगा की ही एक अौर महिला (जिसका नाम भी जसमति देवी है) के खाते में चले गये. दूसरी जसमति देवी को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पैसा मिलना था. उसने समझा कि योजना वाला पैसा है. उसने पैसे की निकासी कर आवास बनाने में लगा दिये. कार्यशाला में दूसरी जसमति देवी भी मौजूद थी.
उसने कहा कि वह भी मजदूरी करती है. खाता में पैसे आये, तो उसने निकासी करके मकान बनाने में लगा दिये. हालांकि अभी भी मकान अधूरा है. उसने कहा कि खाता में पैसे आये तो समझा कि मेरे पैसे हैं, अब वह उसे खर्च कर चुकी है अौर उसके पास इतने पैसे नहीं कि वापस कर सके.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




