रांची : समय पर काम शुरू होता, तो तीन साल पहले ही बन जाता टाटा रोड
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :26 Jul 2018 8:17 AM (IST)
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शुरू से ही वर्क प्रोग्रेस रहा खराब, 50 % भी काम नहीं हो सका रांची : रांची-जमशेदपुर-महुलिया रोड का काम समय से होता, तो तीन साल पहले ही पूरा हो जाता. जून 2015 में सड़क फोरलेन हो जाती, पर शुरू से ही इसका वर्क प्रोग्रेस खराब रहा. आलम यह है कि आज तक इसका 50 […]
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शुरू से ही वर्क प्रोग्रेस रहा खराब, 50 % भी काम नहीं हो सका
रांची : रांची-जमशेदपुर-महुलिया रोड का काम समय से होता, तो तीन साल पहले ही पूरा हो जाता. जून 2015 में सड़क फोरलेन हो जाती, पर शुरू से ही इसका वर्क प्रोग्रेस खराब रहा. आलम यह है कि आज तक इसका 50 फीसदी भी काम नहीं हो सका है. रांची रिंग रोड फेज वन व टू करमा (विकास) से टाटीसिलवे होते हुए रामपुर तक के हिस्से पर तो काम ही नहीं हो सका है.
वहीं जमशेदपुर से महुलिया के हिस्से में भी काम की स्थिति काफी खराब है. बड़े आरअोबी बने ही नहीं. फ्लाइअोवर पर भी ठीक से काम नहीं हुआ. सड़क की स्थिति भी खराब रही. 40 से अधिक डायवर्सन हैं, लेकिन कहीं पर भी इंगित (इंडिकेट) करता हुआ साइन बोर्ड नहीं लगाया गया.
… तो कई जानें बच जाती : गौरतलब है कि सड़क समय से बन जाती, तो कई जानें बच जाती. इस मार्ग पर 2015 के बाद कई बड़ी व छोटी दुर्घटनाएं हुई. खास कर तैमारा घाटी व तमाड़ तथा बुंडू क्षेत्र में कई लोगों की जानें गयी हैं. आधी-अधूरी सड़क को छोड़ दिया गया था. इससे बुंडू इलाके के रहनेवाले एक शिक्षक व रांची के इटकी रोड रहनेवाले इंजीनियर की भी मौत सड़क दुर्घटना में हो गयी थी. तीन वर्षों में बड़ी संख्या में मौतें हुई है.
फंस गया रांची रिंग रोड वन व टू : रांची-जमशेदपुर-महुलिया फोरलेन योजना की वजह से रांची रिंग रोड फेज वन व टू फंस गया है. इंजीनियरों का कहना है कि अगर रिंग रोड इस योजना का हिस्सा नहीं होता, तो बन जाता. रिंग रोड के चार चरणों का काम पहले ही पूरा हो गया है. एक अन्य चरण कांठीटांड़ से करमा तक का काम भी लगभग पूरा हो गया है. केवल फेज वन व टू ही फंस गया है.
काम की स्थिति
संरचना संख्या पूरा हुआ
फ्लाइअोवर 06 00
आरअोबी 03 00
बड़े पुल 05 00
छोटे पुल 45 16
बॉक्स कलवर्ट 146 71
नोट : आंकड़ा 2017 का है. इसके बाद से कार्य प्रगति बहुत नहीं हुई है.
रांची-जमशेदपुर-महुलिया फोर लेन प्रोजेक्ट (एक नजर में)
सड़क की लागत : 1431 करोड़
सड़क की लंबाई: 163.5 किमी
योजना की जिम्मेदारी : एनएचएआइ
काम करानेवाली एजेंसी : मेसर्स मधुकॉन प्रोजेक्ट लिमिटेड, हैदराबाद
एग्रीमेंट की तिथि : 20.04.2011
काम आवंटन की तिथि: 04.12.2012
काम पूरा करने की तिथि: 04.06.2015
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