रांची : ग्रामीण सड़क बनानेवाली एजेंसियों की समीक्षा होगी

Updated at : 10 Jul 2018 8:53 AM (IST)
विज्ञापन
रांची : ग्रामीण सड़क बनानेवाली एजेंसियों की समीक्षा होगी

100 करोड़ के नुकसान को पाटने का काम शुरू रांची : सालाना करीब 100 करोड़ रुपये के नुकसान को पाटने का काम परिवहन विभाग में शुरू हो गया है. विभाग ने पाया है कि राज्य में संचालित सारे अस्थायी चेक पोस्ट के बंद होने से हर साल विभाग को 100 करोड़ से अधिक का नुकसान […]

विज्ञापन
100 करोड़ के नुकसान को पाटने का काम शुरू
रांची : सालाना करीब 100 करोड़ रुपये के नुकसान को पाटने का काम परिवहन विभाग में शुरू हो गया है. विभाग ने पाया है कि राज्य में संचालित सारे अस्थायी चेक पोस्ट के बंद होने से हर साल विभाग को 100 करोड़ से अधिक का नुकसान हो रहा है. वर्ष 2016-17 में विभाग को 105 करोड़ का राजस्व मिला था, लेकिन मई 2017 में सारे चेक पोस्ट बंद हो गये.
इससे विभाग को राजस्व नहीं मिल रहा है. विभाग ने पाया है कि अस्थायी चेक पोस्ट को फिर से संचालित करने में दिक्कत है. ऐसे में अॉनलाइन टैक्स भुगतान की व्यवस्था कर नुकसान को पाटने का प्रयास किया रहा है. यह व्यवस्था की जा रही है कि सूबे में प्रवेश करनेवाले वाहन संचालक आसानी से अॉनलाइन परमिट टैक्स कहीं से भी दे दें. इसमें उन्हें दिक्कतें न हो.
जीएसटी लागू होते ही बंद हो गये थे चेक पोस्ट : वर्ष 2017 में जीएसटी लागू होते ही वाणिज्य कर विभाग से संबंधित सारे चेक पोस्ट बंद हो गये थे.
इनके चेक पोस्ट के साथ ही परिवहन विभाग के भी चेक पोस्ट संचालित हो रहे थे. इसे वाणिज्य कर के ही पदाधिकारी संभाल रहे थे. ऐसे में वाणिज्य कर विभाग के चेक पोस्ट बंद होने से परिवहन विभाग के भी चेक पोस्ट बंद हो गये. जबकि बिहार, गुजरात सहित अन्य राज्यों में इसका संचालन बंद नहीं हुआ.
झारखंड में परिवहन विभाग के पास मैन पावर की कमी थी. शुरू में जल संसाधन विभाग के कनीय अभियंताअों को इस काम के लिए लगाया गया था. बाद में वाणिज्य कर विभाग के कर्मियों को इसकी जिम्मेदारी दे दी गयी. ऐसे में जैसे ही वहां से वाणिज्य कर विभाग का चेक पोस्ट हटा, परिवहन विभाग के लिए टैक्स वसूलने वाला कोई नहीं बचा.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola