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हेमंत सोरेन पर भ्रष्टाचार का आरोप : क्या झारखंड भाजपा भी अपना रही है सुशील मोदी का प्रयोग?

Updated at : 08 Jul 2017 5:36 PM (IST)
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हेमंत सोरेन पर भ्रष्टाचार का आरोप : क्या झारखंड भाजपा भी अपना रही है सुशील मोदी का प्रयोग?

रांची : यूपीए की राष्ट्रपति उम्मीदवार मीरा कुमार जब रांची दौरे पर हैं, ठीक उसी वक्त भाजपा ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष के नेता हेमंत सोरेन पर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया है. हेमंत सोरेन पर कौड़ी की भाव में प्रॉपर्टी खरीदने का आरोप है. भाजपा ने यह आरोप तब लगाया है, जब पड़ोसी […]

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रांची : यूपीए की राष्ट्रपति उम्मीदवार मीरा कुमार जब रांची दौरे पर हैं, ठीक उसी वक्त भाजपा ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष के नेता हेमंत सोरेन पर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया है. हेमंत सोरेन पर कौड़ी की भाव में प्रॉपर्टी खरीदने का आरोप है. भाजपा ने यह आरोप तब लगाया है, जब पड़ोसी राज्य बिहार के सबसे बड़े सियासी परिवार में सीबीआई छापे से खलबली मची हुई है. हालिया सीबीआई व ईडी का छापा मोदी सरकार के पिछले तीन साल के दौरान देशभर में विपक्षी नेताओं के यहां छापे से जोड़कर देखा जा रहा है. झारखंड भाजपा का झामुमो पर हमलाको इसी कड़ी से एक वर्ग जोड़ कर देख रहा है.छापों के आग की चिंगारी झारखंड की ओर बढ़ती नजर आ रही है.हालांकि सत्ताधारी पार्टी के हमले के बाद विपक्ष के नेता झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने आज कहा है कि अगर सरकार के पाछ कुछ सबूत है तो कार्रवाई करें.

पिछले तीन सालों में महाराष्ट्र में छगन भुजबल, तमिलनाडु में पी चिदंबरम, बिहार में लालू यादव, हिमाचल प्रदेश में वीरभद्र सिंह जैसे कई बड़े विपक्षी नेता हैं, जो सीबीआई व ईडी जांच के घेरे में हैं. आंदोलन से उपजी और भाजपा की मुखर विरोधी पार्टी के नेता केजरीवाल भी सीबीआई जांच के दायरे में हैं. केजरीवाल और लालू यादव भाजपा सरकार के सबसे बड़े मुखर विरोधी रहे हैं. अन्य नेता या तो राज्य में बड़े क्षत्रप की हैसियत रखतेहैं या फिर उनका केंद्रीय राजनीति में प्रभावी हस्तक्षेप है. संभव है कि ऊपर के नामों पर भ्रष्टाचार के कुछ आरोप सही हों, तब भी इसे तो महज संयोग नहीं कहा जा सकता कि सीबीआई व ईडी सिर्फ विपक्षी दलों के नेताओं पर ही क्यों छापा मारती है.एक वर्ग यह सवाल उठा रहा है कि सीबीआई ने आज तक सत्ता पक्ष के किसी नेता के यहां छापा मारा है क्या? चाहे केंद्र में कांग्रेस की सरकार रही हो या भाजपा की.
झारखंड भाजपा अपना सकती है सुशील मोदी का प्रयोग
लालू की तरह ही शिबू सोरेन का परिवार भी झारखंड कासबसे प्रभावी सियासी परिवार है. लिहाजा राज्य में विपक्ष के नेता के रूप में हेमंत सोरेन की अच्छी साख रही है. शिबू सोरेन अब राजनीतिक रूप से उतने सक्रिय नहीं लेकिन हेमंत ने अपने नेतृत्व से झामुमो को मोदी लहर के बीच ढहने नहीं दिया. बिहार में सुशील मोदी जिस तरह लगातार लालू और उनके परिवार पर हमले करते आ रहे थे, उनका यह प्रयोग सफल होते दिखा. लालू यादव और उनका परिवार अब भ्रष्टाचार के आरोपों मेंघिर चुका है. राज्य में हेमंत सोरेन मजबूत विपक्षीनेता के रूप में नजर आते हैं.
झारखंड में कई पूर्व नेता का भ्रष्टाचार के आरोप में करियर हो चुका है खत्म
झारखंड अलग होने के बाद कई नेता राज्य में ध्रुवतारा की तरह चमके थे, लेकिन भ्रष्टाचार के आरोप में इन नेताओं ने वक्त के साथ प्रासंगिकता खो दी. झारखंड में ऐसे नेताओं की लंबी फेहरिस्त है. एनोस एक्का, भानु प्रताप शाही, हरिनारायण राय, कमलेश सिंह, मधु कोड़ा इसमें शामिल हैं.
केंद्र में भाजपा की की सरकार आने के बाद शरद पवार और मुलायम सिंह जैसे दिग्गज नेता नरेंद्र मोदी से मधुर संबंध बनाते दिखे. पूर्व में भ्रष्टाचार के आरोपों के बावजूद नये निजाम में वे अभी तक इन परेशानियों से दूर रहे हैं.
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