शरीर की पांच इंद्रियों से मिलता है सुख : डॉ युगल
Published by : SAROJ TIWARY Updated At : 07 Feb 2026 10:53 PM
शरीर की पांच इंद्रियों से मिलता है सुख : डॉ युगल
रामगढ़. छावनी फुटबॉल मैदान में ब्रज गोपिका सेवा मिशन के तत्वावधान में डॉ स्वामी युगल शरण ने उपनिषदों पर प्रवचन दिया. उन्होंने संसार के स्वरूप की जानकारी देते हुए सभी प्रश्नों के शास्त्र वेद सम्मत उत्तर भी बताये. स्वामी जी ने बताया कि शरीर की पांच इंद्रियों से सुख मिलता है. वह है शब्द, स्पर्श, रूप, रस, गंध. हम पांच इंद्रियों काे सम्मान देते रहते हैं. भीतर वाला संसार बाहर वाला संसार को पाकर बढ़ जाता है. जब हम किसी के बारे में चिंतन करते है, वह हमारे भीतर रहता है. यदि हम उसके विषय में सोचते हैं और देख लेते हैं, तो भीतर का संसार और बढ़ जाता है. बाहर वाला संसार नहीं है, तो इसका ये अर्थ नहीं है कि उसको कोई दुःख नहीं होगा. बाहर वाला संसार नहीं होने पर भी संसार समाप्त नहीं होता है. अभी उनका किसी के साथ संबंध नहीं है, लेकिन पहले था.
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