कोल इंडिया के कर्मचारियों को मिलने वाला लाभ घटा, जानें किन चीजों पर कितना खर्च कर रही है कंपनी

Updated at : 27 Feb 2025 9:01 AM (IST)
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Coal India News: कोल इंडिया को मिलने वाले लाभ का प्रतिशत घटा है. जबकि सीआईएल में आउटसोर्सिंग से कोल उत्पादन सर्वाधिक किया जा रहा है. 31 जनवरी तक कोल की बिक्री से 92800 करोड़ की आमदनी हुई.

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रामगढ़, सलाउद्दीन : कोल इंडिया लिमिटेड में कार्यरत कर्मचारियों पर खर्च का लाभ प्रतिशत घटा है. उत्पादन का 82 प्रतिशत कोल डिस्पैच पॉवर सेक्टर को दिया गया, पिछले पांच वर्षों में सीआईएल के कर्मचारियों का लाभ प्रतिशत हर वर्ष घटता ही जा रहा है. वहीं सीआईएल में आउटसोर्सिंग से कोल उत्पादन सर्वाधिक किया जा रहा है. वित्तीय वर्ष 31 जनवरी तक कोल बिक्री से 92800 करोड़ की कुल आमदनी हुआ, इसमें कर्मचारी लाभ पर 46 प्रतिशत राशि खर्च किया गया. कर्मचारियों के वेतन और बोनस पर 26930.02 करोड़, पीएफ, अन्य फंड पर 5319.11 करोड़ कर्मचारी कल्याण खर्च पर 1911.22 करोड़ रुपया खर्च किया. जो लगभग 34,160.35 करोड़ है. जबकि 2020-21 में कर्मचारी लाभ पर 51 प्रतिशत राशि खर्च की गयी थी.

आउटसोर्सिंग से कोल उत्पादन बढ़ा

सीआईएल में कार्यरत कर्मियों द्वारा वित्तीय वर्ष 31 जनवरी तक 204.90 एमटी और आउटसोर्सिंग से 395.47 एमटी कोल उत्पादन किया गया. सीआईएल में आउटसोर्सिंग से काम भी प्रति वर्ष बढ़ रहा है. नये कोल उत्खनन कार्य में भी आउटसोर्सिंग को बढ़ावा मिल रहा है.

सीआईएल का कोल डिस्पैच पावर सेक्टर में बढ़ा

सीआईएल ने कुल कोल डिस्पैच का लगभग 82 प्रतिशत पॉवर सेक्टर को दिया है. वित्तीय वर्ष 31 जनवरी तक कुल कोल डिस्पैच 621.15 मिलियन टन है, इसमें पावर सेक्टर को 510.6 मिलियन टन कोयला दिया है, पावर सेक्टर को कोयला डिस्पैच में सब्सिडी कंपनी एमसीएल ने सबसे अधिक 132.9 एमटी कोयला, दूसरे नंबर पर एसईसीएल ने 114.2 एमटी और तीसरे नंबर पर एनसीएल 98.6 एमटी कोयला दिया है. सीसीएल 98.3 एमटी, डब्लुसीएल 47.4 एमटी, ईसीएल 33.1 एमटी व बीसीसीएल 26.1 एमटी कोयला पावर सेक्टर को डिस्पेच किया है.

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दो माह में कोल उत्पादन लक्ष्य होंगे पूरा

कॉल इंडिया लिमिटेड का वित्तीय वर्ष 2024-25 में कोल उत्पादन का लक्ष्य 838.20 मिलियन टन है. 31 जनवरी तक 621.15 मिलियन टन उत्पादन हुआ है. दो माह फरवरी और मार्च में 217.05 मिलियन टन कोयले का उत्पादन करना है. पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 में 773.65 मिलियन टन कोल उत्पादन किया था. 152.5 मिलियन टन कोल उत्पादन कर पिछले वर्ष की बराबरी होगी. सीआईएल ने एमसीएल को 225 मिलियन टन, एसईसीएल को 206 एमटी, एनसीएल को 139 एमटी, सीसीएल को 100 एमटी, डब्लुसीएल 69 एमटी, ईसीएल 54 एमटी व बीसीसीएल को 45 एमटी काेल उत्पादन का लक्ष्य दिया गया है.

क्या कहते हैं एआईटीयूसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष

राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेंद्र कुमार ने कहा कि सीआईएल का उत्पादन व शुद्ध मुनाफा बढ़ा है, लेकिन कर्मचारियों पर खर्च लाभ का प्रतिशत घटा है. कर्मचारियों की सुविधा पर और खर्च किया जाय.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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