रामगढ़ जिले के मांडू प्रखंड में किसानों का 388 हेक्टेयर में लगा आलू बर्बाद, पांच करोड़ की क्षति का अनुमान

By Prabhat Khabar Digital Desk
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मांडू : बेमौसमी बारिश व कड़ाके की ठंड ने मांडू प्रखंड के किसानों को कमर तोड़ दी है. अधिक ठंड व कोहरे गिरने से आलू फसल में झुलसा (पाला) रोग लग गया है. जिसके कारण प्रखंड में लगे आलू फसल पूरी तरह से नष्ट हो गया है. जानकारी के अनुसार प्रखंड के विभिन्न पंचायतों के किसानों ने अपने-अपने खेतों में करीब 388 हेक्टेयर (977 एकड़) में आलू का फसल लगाया है. जिसमें 90 प्रतिशत आलू का फसल झुलसा रोग से बर्बाद हो गया.

झुलसा रोग से प्रखंड के सैकड़ों किसानों के करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये क्षति होने का अनुमान है. बताया जाता है कि प्रखंड के कई किसानों के द्वारा खेतों में लगाये गये आलू का फसल मौसम की बेरूखी के कारण उगने की बजाय खेतों में ही पूरी तरह से नष्ट हो गया है.

क्या कहते हैं कृषि पदाधिकारी

इस संबंध में प्रखंड कृषि पदाधिकारी समीरन मजुमदार ने बताया कि प्रखंड में किसानों के द्वारा लगाये गये आलू के फसल झुलसा रोग से 90 प्रतिशत नष्ट हो गया है. किसानों को आर्थिक स्थिति कमजोर न हो इसके लिए फसल की बीमा कराया जा रहा है.

क्या कहते हैं प्रखंड के किसान

प्रखंड के विभिन्न पंचायतों के किसान जैसे करमा पंचायत के उपमुखिया संजय कुमार महतो, बलिया निवासी मनोज कुमार महतो, बड़कीटुंडी के धर्मनाथ महतो, बरमसिया के नेवालाल महतो, कच्चाडाड़ी के राजनाथ महतो के अलावे उमेश साव, कजरू साव ने बताया कि पिछले दिनों बेमौसमी बारिश और लगातार गिर रहे कोहरे से आलू के फसल में झुलसा रोग लग गया है. जिसके कारण फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गया. वहीं टमाटर व मटर में भी मौसम का प्रतिकूल असर पड़ा है. ताबड़तोड़ मेहनत कर एवं दवा का छिड़काव कर अन्य फसलों को बचाने के कार्य में लगे हुए हैं.

नगर परिषद क्षेत्र के किसानों की आलू की फसलें भी पूरी तरह नष्ट

रामगढ़ नगर परिषद क्षेत्र में आलू की फसल की बीमा का ना होना किसानों के लिए चिंता का विषय बन गया है. क्षेत्र के किसान बीमा को लेकर अधिकारियों का दरवाजा खटखटा रहे हैं. इसके बावजूद उनका कोई सुनने वाला नहीं है. हाल के दिनों में बेमौसमी बारिश के साथ कहर ढा रहे कुहासे की वजह से आलू की फसल में पूरी तरह झुलसा रोग लग गया. जिससे किसानों के द्वारा लगाया गया आलू का फसल बर्बाद हो गया. आलू की फसल बर्बाद हो जाने से किसान काफी मायूस हैं.

किसानों की प्रतिक्रिया

इस संबंध में परिषद क्षेत्र के दिगवार निवासी अरुण कुमार कुशवाहा, मनोज कुशवाहा व सांडी के रामअवतार महतो ने कहा की बारिश का होना अति आवश्यक है. लेकिन बेमौसम बारिश हो यह किसानों के लिए नुकसानदायक होता है. बेमौसम बारिश से धान की खेती पर भी असर पड़ा हैं, साथ ही इसका असर आलू पर भी पड़ गया. किसानों ने कहा कि उनकी जीविका खेती पर टिकी होती है और ऐसी स्थिति में खेती का ना होना हमारे लिए कमर टूटने के बराबर होती है. जिसके वजह से हमें तकलीफें उठानी पड़ती है.

बीमा के लिए झारखंड सरकार को लिखा है पत्र : नगर परिषद उपाध्‍यक्ष

फसल बीमा को लेकर रामगढ़ नगर परिषद उपाध्यक्ष मनोज महतो ने कहा है कि झारखंड सरकार, रामगढ़ उपायुक्त तथा संबंधित विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखा गया है. पत्र में कहा गया है कि नप क्षेत्र में 80 प्रतिशत किसान खेती पर निर्भर हैं. वे बिल्कुल निर्धन एवं गरीब तबके से आते हैं. उनका रोजी-रोटी खेती पर ही निर्भर होता है. उन्होंने कहा कि जिले में फसल बीमा का लाभ किसानों को मिल रहा है लेकिन नप क्षेत्र के किसान इस फसल बीमा से वंचित है. इन किसानों की मौजूदा हालात को देखते हुए फसल बीमा कराने की बात कही है.

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