भाजपा की आदिवासी कार्ड की रणनीति काम आयी, NDA के बनाये प्लॉट में कांग्रेस और राजद टूटे
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 23 Jul 2022 7:01 AM
राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा का आदिवासी कार्ड काम कर गया. यूपीए खेमे में जबरदस्त बिखराव देखने को मिला और कांग्रेस राजद के आधे विधायक द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में चले गये. चुनाव से पहले भाजपा ने यूपीए खेमे से भी संपर्क साधा था
रांची : राष्ट्रपति चुनाव में यूपीए गठबंधन बिखर गया. झामुमो ने घोषणा कर राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का साथ दिया. झामुमो ने अपने राजनीतिक एजेंडे को देखते हुए निर्णय लिया. द्रौपदी मुर्मू के उम्मीदवार होने के साथ ही झामुमो ने अपना रास्ता तय कर लिया था़ यूपीए गठबंधन में शामिल कांग्रेस और राजद गठबंधन की किरकिरी हुई.
चुनाव से पहले यूपीए उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के पास कांग्रेस के 18, राजद के एक और माले के एक विधायक का समर्थन था़ यानि यशवंत सिन्हा के पास कुल 20 वोट थे़ यूपीए यह वोट भी नहीं बचा पाया़ कांग्रेस-राजद के आधे विधायक टूट गये़ द्रौपदी मुर्मू के साथ चले गये़ यशवंत सिन्हा को महज नौ वोट मिले. द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में कांग्रेस-राजद गठबंधन के 10 विधायक चले गये, वहीं एक विधायक का वोट अवैध हो गया.
भाजपा ने द्रौपदी मुर्मू को आगे कर आदिवासी कार्ड चला, वहीं भाजपा की रणनीति भी काम आयी़ भाजपा के नेताओं ने यूपीए खेमा के विधायकों से संपर्क साधा़ भाजपा की यूपीए के आदिवासी विधायकों पर विशेष नजर थी़ कांग्रेस की महिला विधायकों को भी साथ लेने की रणनीति बनायी गयी़ राष्ट्रपति चुनाव के परिणाम के बाद कांग्रेस के 18 विधायक संदेह के घेरे में है़.
कांग्रेस नेतृत्व अपने विधायकों को नहीं रोक पाया़ भाजपा ने राष्ट्रपति चुनाव के बहाने आने वाले दिनों के लिए राजनीतिक प्लॉट तैयार किया है़ भाजपा इस जीत से उत्साहित है़ वह आने वाले दिनों में खेमाबंदी कर सकती है.
राजनीतिक दलों को पता है कि उनके कौन विधायक टूटे है़ं कांग्रेस विधायकों का एक खास वर्ग द्रौपदी मुर्मू के साथ नहीं गया है़ वहीं दूसरे विधायकों को लेकर द्रौपदी के साथ जाने की चर्चा है़ राजद कोटे से मंत्री सत्यानंद भोक्ता को लेकर भी चर्चा है़ भोक्ता जाति के अनुसूचित जनजाति (एसटी) में शामिल होने के बाद वह भी नयी जमीन तलाश रहे है़ं
राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए अपने आंकड़े को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास करता रहा़ केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने झामुमो के साथ संवाद कायम किया़ वह द्रौपदी मुर्मू के साथ झामुमो नेताओं से मिलने पहुंचे थे़ श्री मुंडा आदिवासी विधायकों और अपने पुराने संपर्क को भुनाने में लगातार लगे हुए थे़ श्री मुंडा की रणनीति काम भी आयी़ उधर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी व रघुवर दास भी मुहिम में जुटे हुए थे़ द्रौपदी मुर्मू का वोट बढ़ाने में इनकी रणनीति भी काम आयी़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने भी एक मोर्चा संभाला था.
Posted By: Sameer Oraon
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