ePaper

झारखंड के पलामू टाइगर रिजर्व में फिर दिखा बाघ, वन विभाग ने जारी किया अलर्ट

Updated at : 26 Oct 2023 6:15 PM (IST)
विज्ञापन
झारखंड के पलामू टाइगर रिजर्व में फिर दिखा बाघ, वन विभाग ने जारी किया अलर्ट

छह माह पहले बाघ को पलामू टाइगर रिजर्व के कुटकू प्रक्षेत्र में देखा गया था. इस बार सुरक्षा सहित अन्य कारणों को देखते हुए बाघ के देखे जाने वाले स्थान का खुलासा नहीं किया जा रहा है. बेतला के जंगल में विचरण कर रहे बाघ की तस्वीर लेने के लिए एक दर्जन से अधिक कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं.

विज्ञापन

बेतला (पलामू), संतोष कुमार : झारखंड के पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में एक बार फिर बाघ देखा गया है. पीटीआर के उत्तरी प्रमंडल में ट्रैकर गार्ड व ग्रामीणों ने बाघ को देखा है. बाघ देखे जाने की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम वहां पहुंची और बाघ के पग मार्क, स्टेट (मल) व बाघ के बाल बरामद किए. वन विभाग की टीम को अलग-अलग जगहों पर गायों के अवशेष भी मिले हैं. माना जा रहा है कि उसी बाघ ने इन गायों का शिकार किया है. पीटीआर के डायरेक्टर कुमार आशुतोष ने बाघ को देखे जाने की पुष्टि की है. उन्होंने कहा है कि बाघ की सभी गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है. बाघ दिखने के साथ ही एक बार फिर से पलामू टाइगर रिजर्व के पदाधिकारियों में खुशी की लहर है. करीब छह माह पहले बाघ को पलामू टाइगर रिजर्व के कुटकू प्रक्षेत्र में देखा गया था. इस बार सुरक्षा सहित अन्य कारणों को देखते हुए बाघ के देखे जाने वाले स्थान का खुलासा नहीं किया जा रहा है. बेतला के जंगल में विचरण कर रहे बाघ की तस्वीर लेने के लिए एक दर्जन से अधिक कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं.

बाघ के बाल की देहरादून में होगी जांच

विभागीय पदाधिकारी का कहना है कि स्केट व बाल को जांच के लिए वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ देहरादून भेज दिया गया है. बाघ देखे जाने वाले स्थल पर डिप्टी डायरेक्टर प्रजेश कांत जेना सहित अन्य टीम के लोग पहुंचे और सर्च अभियान चलाकर पग मार्क का लोकेशन हासिल किया. प्लास्टर ऑफ पेरिस के जरिए पागमार्क को अंकित किया गया. बाघ के पग मार्क खोजने के लिए टीम के लोगों को पूरी सतर्कता के साथ काम करने का निर्देश दिया गया था. अधिकारियों ने उम्मीद जतायी है कि बाघ आसपास के ही इलाके में मौजूद है.

पीटीआर में वन्य प्राणियों की गतिविधियों पर नजर

अधिकारियों ने बाघ की सभी गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं. साथ ही वन विभाग के ट्रैकर गार्ड सहित अन्य वनकर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है. इस बात का भी पता लगाने का निर्देश दिया गया है कि पिछली बार जो बाघ इस अभ्यारण्य में देखा गया था, कहीं वही बाघ तो फिर से नहीं दिखा है.

Also Read: तीन साल बाद पलामू टाइगर रिजर्व में दिखा बाघ, डिप्टी डायरेक्टर ने खुद खींची तस्वीर, बढ़ी चौकसी

क्या कहते हैं पीटीआर डायरेक्टर

पलामू टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर कुमार आशुतोष ने कहा कि बाघ दिखने के साथ ही कैमरा ट्रैप लगाकर उसकी तस्वीर लेने का प्रयास किया जा रहा है. वहीं, पूरे इलाके में बाघ सहित अन्य वन्य प्राणियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. सुरक्षा सहित अन्य कारणों के कारण जिस जगह बाघ देखा गया है, उस जगह का खुलासा नहीं किया जा सकता.

Also Read: खुशखबरी! पलामू टाइगर रिजर्व में लंबे अरसे बाद दिखा बाघ, हाई अलर्ट जारी, आप भी देखें PHOTO

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola