Sugar Free Potato News : झारखंड के पलामू में हो रही शुगर फ्री आलू की खेती, पढ़िए कैसे किसानों का यह प्रयोग बना चर्चा का विषय

Sugar Free Potato News, Palamu News, हुसैनाबाद न्यूज (जितेन्द्र प्रसाद) : मन में कुछ कर गुजरने की तमन्ना हो, तो हर क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं. बशर्ते कि उस दिशा में ईमानदारी के साथ पहल की जाए. इस बात को चरितार्थ कर रहे हैं झारखंड के पलामू जिले के हुसैनाबाद प्रखंड के दंगवार गांव के किसान. इस गांव के किसान सामूहिक रूप से दो एकड़ में डुमरहथा गांव में शुगर फ्री आलू की खेती कर रहे हैं. लखनऊ से प्रेरणा मिलने के बाद शिमला से बीज मंगाकर ये शुगर फ्री आलू की खेती कर रहे हैं. किसानों की मानें, तो अन्य किसानों को भी इसकी खेती के लिए प्रेरित किया जायेगा.
Sugar Free Potato News, Palamu News, हुसैनाबाद न्यूज (जितेन्द्र प्रसाद) : मन में कुछ कर गुजरने की तमन्ना हो, तो हर क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं. बशर्ते कि उस दिशा में ईमानदारी के साथ पहल की जाए. इस बात को चरितार्थ कर रहे हैं झारखंड के पलामू जिले के हुसैनाबाद प्रखंड के दंगवार गांव के किसान. इस गांव के किसान सामूहिक रूप से दो एकड़ में डुमरहथा गांव में शुगर फ्री आलू की खेती कर रहे हैं. लखनऊ से प्रेरणा मिलने के बाद शिमला से बीज मंगाकर ये शुगर फ्री आलू की खेती कर रहे हैं. किसानों की मानें, तो अन्य किसानों को भी इसकी खेती के लिए प्रेरित किया जायेगा.
पलामू जिले के हुसैनाबाद में शुगर फ्री आलू की फसल लहलहा रही है. दंगवार, डुमरहथा, नादियाइन गांव के किसान प्रियरंजन सिंह, अशोक मिस्त्री, संजय मिस्त्री, राजकुमार मेहता, चंद्रदेव मेहता, रामवतार मेहता, जितेंद्र मेहता, सुधीर मेहता ने संयुक्त रूप से जपला-दंगवार पथ से सटे डुमरहथा गांव में इसकी खेती की है. वीर कुंअर सिंह सहकारी समिति, डुमरहथा के अध्यक्ष सह किसान प्रियरंजन सिंह ने बताया कि इसकी प्रेरणा उन्हें बाराबंकी बीज अनुसंधान केंद्र, लखनऊ से मिली.
Also Read: असलियत खंगालने पांच साल में दूसरी बार बकोरिया पहुंची सीबीआइ, जानें पूरा मामला
किसान प्रियरंजन सिंह कहते हैं कि शुगर फ्री आलू की खेती की जानकारी मिलने के बाद इस मुद्दे पर उन्होंने विचार विमर्श किया. इसके बाद भारतीय अनुसंधान केंद्र, शिमला की कुफरी शाखा से आलू का बीज लाया. इस तरह से शुगर फ्री आलू की खेती की शुरुआत हुई.
किसान प्रियरंजन बताते हैं कि इसकी खेती सामान्य आलू की ही तरह होती है, लेकिन इसकी उपज तीन गुनी अधिक होती है, जबकि बाजार में ये आलू करीब 80 रुपये किलो बिकता है.
Also Read: Ration Distribution : राशन वितरण में मिली शिकायत, तो नपेंगे राशन डीलर और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, उपायुक्त ने दिए ये निर्देश
शुगर फ्री आलू की खेती की सबसे खास बात ये है कि इसमें जैविक खाद का प्रयोग किया जाता है. इसमें रासायनिक खाद का प्रयोग नहीं किया जाता है. उन्होंने कहा कि इसकी खेती के लिए पलामू के किसानों को प्रेरित किया जायेगा. इतना ही नहीं, किसानों को बीज भी उपलब्ध कराया जायेगा.
Posted By : Guru Swarup Mishra
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




