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आदिवासी समाज की रक्षा करना हमारा कर्तव्य

Updated at : 21 Sep 2025 9:39 PM (IST)
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आदिवासी समाज की रक्षा करना हमारा कर्तव्य

आदिवासी समाज की रक्षा करना हमारा कर्तव्य

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सतबरवा. आदिवासी संघर्ष मोर्चा पलामू प्रमंडलीय अध्यक्ष कमेश सिंह चेरो ने कहा कि कुड़मी समुदाय न तो पारंपरिक रूप से आदिवासी रहा है और न भविष्य में उसे आदिवासी के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए. यह न केवल ऐतिहासिक तथ्यों के विरुद्ध है, बल्कि वर्तमान संवैधानिक एवं सामाजिक संरचना पर भी एक गंभीर आघात होगा. श्री चेरो कहा है कि आदिवासी समाज के हक व अधिकारों की रक्षा करना हमारा मूल कर्तव्य है. आंदोलन करना देश के प्रत्येक नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन किसी भी आंदोलन के माध्यम से आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन व संस्कृति और पहचान को छिनने का प्रयास करना कभी स्वीकार नहीं किया जा सकता है. उन्होंने विधायक जय राम महतो के उस बयान का जिक्र करते हुए कहा है कि उनके उपदेश केवल जल ,जंगल ,जमीन और खनिज संपदा की लूट और सत्ता पर कब्जा करना है. इस आंदोलन के पीछे की असली मंशा उजागर करता है. उन्होंने कहा कि आदिवासियों को संवैधानिक अधिकार के रक्षा करने के लिए हमेशा सजग रहने की जरूरत है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Akarsh Aniket

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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