एक माह में अधूरा आवास पूरा नहीं हुआ, तो होगी कार्रवाई

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नौडीहा/पलामू : वित्तीय वर्ष 2016-17,2017-18 एवं 2018- 2019 में नौडीहा बाजार प्रखंड के जिन लोगों को आवास निर्माण की राशि निर्गत की गयी है, उनके घर जाकर जांच की जा रही है. पलामू उपायुक्त डॉ शांतनु कुमार अग्रहरि के निर्देश के आलोक में जांच टीम ने मंगलवार से इस प्रखंड में आवास जांच का कार्य […]

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नौडीहा/पलामू : वित्तीय वर्ष 2016-17,2017-18 एवं 2018- 2019 में नौडीहा बाजार प्रखंड के जिन लोगों को आवास निर्माण की राशि निर्गत की गयी है, उनके घर जाकर जांच की जा रही है. पलामू उपायुक्त डॉ शांतनु कुमार अग्रहरि के निर्देश के आलोक में जांच टीम ने मंगलवार से इस प्रखंड में आवास जांच का कार्य शुरू किया.

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इसी कड़ी में बुधवार को डीआरडीए निदेशक स्मिता टोप्पो ने करकट्टा पंचायत, सहायक अभियंता अशोक कुमार ने लक्ष्मीपुर और चेराई टू तथा मो. मुफ्ती अनवर तरीडीह पंचायत में आवास की जांच की. इस दौरान लाभुकों से आवास के दस्तावेज की मांग की गयी और आवास की भौतिक स्थिति का निरीक्षण किया गया.
डीआरडीए निदेशक ने करकट्टा पंचायत में जांच की : डीआरडीए के निदेशक स्मिता टोप्पो ने बुधवार को नौडीहा बाजार प्रखंड की करकट्टा पंचायत में प्रधानमंत्री आवास का निरीक्षण किया.
इस दौरान उन्होंने आवास के 25 लाभुकों से मिलकर दस्तावेज व आवास का भौतिक सत्यापन किया. इस दौरान पाया कि करकट्टा पंचायत के आठ लाभुकों का आवास अधूरा है. जबकि उन लाभुकों को द्वितीय किस्त की राशि भी निर्गत हो गयी है. झमन यादव, सुमित्रा देवी,लालती देवी, जगनारायण ने डोर लेबल तक काम किया है, जबकि श्यामा चौधरी, ईश्वरी भुईयां, सीताराम भुईयां ने मकान की ढलाई तो कर ली है, लेकिन उसका प्लास्टर नहीं किया है.
प्रावधान के मुताबिक पहली किस्त की राशि से नींव तक का काम पूरा करना है, जबकि दूसरी किस्त की राशि से मकान की ढलाई करने के बाद उसका प्लास्टर भी करना है. इसके बाद अंतिम किस्त की राशि निर्गत की जाती है. आवास निर्माण के लिए एक लाख 30 हजार रुपये एवं मनरेगा मद से मजदूरी के रूप में 15 हजार रुपये देने का प्रावधान है. इन लाभुकों को अब तक एक लाख 25 हजार रुपये का भुगतान दो किस्तों में हुआ है.
नहीं तो लाभुकों से राशि की रिकवरी होगी : डीआरडीए निदेशक ने लाभुकों से आवास निर्माण का कार्य अधूरा रहने का कारण भी पूछा. साथ ही उन्हें एक माह का समय दिया है. यदि निर्धारित समय तक आवास का कार्य पूरा नहीं हुआ तो लाभुकों से राशि की रिकवरी की जायेगी. जांच के क्रम में पाया गया कि ईश्वरी साव को आवास निर्माण के लिए दूसरी किस्त की राशि निर्गत कर दी गयी है.
ईश्वरी साव ने डोर लेबल तक का काम पूरा किया है. इसके बाद उसका निधन हो गया. इस मामले में डीआरडीए निदेशक ने बताया कि मृतक की पत्नी के नाम से आवास को ट्रांसफर किया जायेगा.
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