CSR फंड से अब मनमाने काम नहीं, पाकुड़ में जरूरत के हिसाब से तय होंगी योजनाएं

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सीएसआर समिति की बैठक में उपायुक्त मेघा भारद्वाज व अन्य अधिकारी. | Prabhat Khabar Network

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पाकुड़ में CSR फंड के उपयोग को लेकर नई नीति. शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, खेल व कौशल विकास को प्राथमिकता. जानें पूरी जानकारी.

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संवाददाता, पाकुड़: सीएसआर की राशि से जिले में अब स्थानीय जरूरत और लोगों की उपयोगिता को ध्यान में रखकर योजनाओं का चयन किया जायेगा. शिक्षा, स्वास्थ्य, शुद्ध पेयजल, खेल, आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण और कौशल विकास से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी जायेगी.

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शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में हुई जिला सीएसआर समिति की बैठक में कंपनियों के प्रस्तावित कार्यों पर चर्चा के दौरान यह निर्देश दिया गया.

जिले की वास्तविक जरूरत के आधार पर चुनें योजनाएं

उपायुक्त ने कंपनियों के प्रतिनिधियों से कहा कि सीएसआर योजनाओं का चयन जिले की वास्तविक जरूरतों के आधार पर किया जाए. ऐसी योजनाओं को प्राथमिकता मिले, जिनका लाभ अधिक से अधिक लोगों को लंबे समय तक मिल सके.

उन्होंने कहा कि सीएसआर निधि का उद्देश्य जनहितकारी कार्यों को बढ़ावा देना है. इसलिए योजनाओं के चयन से लेकर क्रियान्वयन तक गुणवत्ता और उपयोगिता का ध्यान रखा जाए.

एक जैसी योजनाओं के दोहराव से बचने का निर्देश

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि कंपनियां नयी सीएसआर योजनाओं के चयन और क्रियान्वयन से पहले जिला सीएसआर समिति के साथ समन्वय करें.

इससे एक ही क्षेत्र में एक जैसी योजनाओं के दोहराव को रोका जा सकेगा और उपलब्ध संसाधनों का अधिक प्रभावी तरीके से उपयोग किया जा सकेगा. उन्होंने कंपनियों से जनोपयोगी और टिकाऊ योजनाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा.

2026-27 के एक्शन प्लान की हुई समीक्षा

बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित एक्शन प्लान की समीक्षा की गयी. इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में कंपनियों की ओर से कराये गये कार्यों की प्रगति और उपयोगिता की भी जानकारी ली गयी.

लंबित योजनाओं को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया गया.

समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करने पर जोर

उपायुक्त ने सभी सीएसआर योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने और उनकी प्रगति रिपोर्ट जिला प्रशासन को नियमित रूप से उपलब्ध कराने को कहा.

पूर्व वित्तीय वर्षों में कराये गये कार्यों के उपयोगिता प्रमाण-पत्र से संबंधित मामलों में भी आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.

अधिकारी और कंपनियों के प्रतिनिधि रहे मौजूद

बैठक में उप विकास आयुक्त अरविंद कुमार लाल, आईटीडीए परियोजना निदेशक अरुण कुमार एक्का, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अमित कुमार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी संगीता बाड़ा, जिला शिक्षा पदाधिकारी अनिता पूर्ति, जिला शिक्षा अधीक्षक प्रियाशी भगत समेत विभिन्न कोल कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे.

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