श्रम कानूनों में संशोधन कर श्रमिकों के अधिकार छीन रही केंद्र सरकार

Published by : SHAILESH AMBASHTHA Updated At : 30 May 2026 8:09 PM

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श्रम कानूनों में संशोधन कर श्रमिकों के अधिकार छीन रही केंद्र सरकार

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किस्को़ राजकीय मध्य विद्यालय किस्को के मैदान में अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) सह छोटानागपुर बॉक्साइट एंड कोल वर्कर्स यूनियन के प्रांतीय महाधिवेशन का भव्य आयोजन किया गया. इस ऐतिहासिक महाधिवेशन में गुरदरी, टोरी, विमरला, सेरेंदाग, रिचुघुटा, मेराल, कुजाम, हेंसल और बगड़ू सहित विभिन्न माइंस के हजारों मजदूरों और देश के विभिन्न राज्यों से आये श्रमिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. अतिथियों का स्वागत पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ ढोल-नगाड़ों की धुन पर मंच तक लाकर किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ लक्ष्य के अनुरूप यूनियन के झंडे के ध्वजारोहण, राष्ट्रगीत वंदे मातरम और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय शिवप्रसाद साहू व ददई दुबे के चित्रों पर माल्यार्पण के साथ हुआ. देश में व्याप्त है आर्थिक और सामाजिक संकट : धीरज साहू : महाधिवेशन के मुख्य अतिथि सह इंटक के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरज प्रसाद साहू ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश गंभीर आर्थिक, सामाजिक और वैश्विक संकट से जूझ रहा है. चारों ओर हाहाकार मचा है. नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं, जिससे 22 लाख विद्यार्थियों का भविष्य अधर में है. देश में ग्रेजुएट बेरोजगार शिक्षित की संख्या 1 करोड़ 10 लाख है, अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के अनुसार 83 प्रतिशत शिक्षित बेरोजगार हैं. अनेक पद खाली पड़े हुए हैं, लेकिन उसे भरा नहीं जा रहा है. यूपी-बिहार में युवाओं पर लाठियां चल रही हैं. श्री साहू ने कहा कि केंद्र सरकार श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी संशोधन कर श्रमिकों के लोकतांत्रिक अधिकार छीन रही है और ट्रेड यूनियनों को खत्म करने की साजिश रची जा रही है. उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि ग्लोबल हंगर इंडेक्स 2024 में भारत 127 देशों में 105वें स्थान पर पहुंच गया है, जो बेहद चिंताजनक है. सरकार बालको, भारत एल्यूमिनियम, हिन्दुस्तान जिंक, वेदांता, विदेश संचार उद्योग निगम, मारुति उद्योग, निलांचल इस्पात कंपनी, एयर इंडिया, फूड इंडस्ट्री जैसे उद्योग को अपने चहेते पूंजीपतियों के हाथों बेचकर बेरोजगारी बढ़ा रही है. मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ होगा राष्ट्रव्यापी आंदोलन : विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रप्पली विजयलक्ष्मी ने कहा कि देश के विभिन्न खदानों में लूट मची है, जिसे रोकने के लिए मजदूरों को एकजुट होना होगा. राष्ट्रीय महासचिव एनजी अरुण ने कहा कि श्रम कानूनों पर हो रहे आघात, बेतहाशा महंगाई और बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ जल्द ही पूरे देश में एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जायेगा. राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आरएन चौबे ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था मजदूरों के पसीने से मजबूत होती है, लेकिन आज उन्हें सम्मान नहीं मिल रहा. राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र पांडेय ने चार लेबर कोड कानून को काला कानून बताते हुए इसे निरस्त कराने का संकल्प दोहराया. मजदूरों के हक के लिए सरकार उठायेगी कदम : रामेश्वर उरांव : लोहरदगा विधायक सह पूर्व मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि माइंस कंपनियों की यह वैधानिक जिम्मेदारी है कि वे स्थानीय मजदूरों को रोजगार के साथ-साथ उत्तम शिक्षा, स्वास्थ्य और शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करायें. उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार भी मजदूरों के हित में हर आवश्यक कदम उठायेगी. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप बालमुचु ने कहा कि सरकारी संस्थाओं को बंद कर प्राइवेट कंपनियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है, जिससे निपटने के लिए मजदूरों का संगठित होना अनिवार्य है. महाधिवेशन में ये रहे मौजूद : इस मौके पर मंच पर कालीचरण यादव, अधिवक्ता सचिनानंद चौधरी, उपाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार पांडेय, प्रेसिडेंट आरएन चौबे, अंबर प्रसाद सिंह, ज्ञानरंजन, निशीथ जयसवालसहित काफी संख्या में यूनियन पदाधिकारी तथा मजदूर मौजूद थे.

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