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वृद्ध माता-पिता की देखरेख नैतिक के साथ विधिक दायित्व भी, शिकायत पर जेल व जुर्माना दोनों सभंव : डालसा सचिव

Updated at : 17 Nov 2025 8:24 PM (IST)
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वृद्ध माता-पिता की देखरेख नैतिक के साथ विधिक दायित्व भी, शिकायत पर जेल व जुर्माना दोनों सभंव : डालसा सचिव

वृद्ध माता-पिता की देखरेख नैतिक के साथ विधिक दायित्व भी, शिकायत पर जेल व जुर्माना दोनों सभंव : डालसा सचिव

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लोहरदगा़ झालसा रांची के निर्देश और पीडीजे सह डालसा अध्यक्ष राजकमल मिश्रा के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार लोहरदगा की ओर से सदर प्रखंड के सभा कक्ष में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007 के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में डालसा सचिव राजेश कुमार ने कहा कि इस अधिनियम का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. ऐसे कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य आम जनता को कानून की जानकारी देना और माता-पिता व वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना है. उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को प्रतिष्ठा के साथ जीवन जीने का अधिकार है. कानून के माध्यम से वे अपने अधिकार सुरक्षित कर सकते हैं. सरकार जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही है, लेकिन बच्चों का नैतिक दायित्व है कि वे अपने माता-पिता का सम्मान करें और उनकी देखभाल ईमानदारी से करें. डालसा सचिव ने प्राधिकरण द्वारा किये जाने वाले कार्यों की विस्तृत जानकारी भी दी. सदर प्रखंड के बीडीओ ठाकुर गौरी शंकर शर्मा ने कहा कि माता-पिता अपने पूरे जीवन में बच्चों के लिए त्याग करते हैं, लेकिन कुछ बच्चे वृद्धावस्था में उनके सम्मान और देखभाल से दूर हो जाते हैं. ऐसे लोगों को संरक्षण देने के लिए यह कानून बनाया गया है. उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए लोगों को जागरूक होना जरूरी है. रिसोर्स पर्सन एवं सहायक एलएडीसीएस इंद्राणी कुजूर ने कहा कि यदि किसी वरिष्ठ नागरिक के साथ दुर्व्यवहार होता है, तो वे कोर्ट के माध्यम से अपना अधिकार प्राप्त कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि इस अधिनियम की धारा 5 माता-पिता व वरिष्ठ नागरिकों को बच्चों या कानूनी उत्तराधिकारियों से भरण-पोषण की मांग करने का अधिकार देती है. यदि वे खुद सक्षम नहीं हैं, तो स्वयं या किसी के माध्यम से एसडीओ कोर्ट में आवेदन दे सकते हैं. सीओ रामनारायण खलखो ने कहा कि सरकार द्वारा दी जाने वाली पेंशन वरिष्ठ नागरिकों के व्यक्तिगत खर्च के लिए है. बच्चों को चाहिए कि वे अपने माता-पिता का सम्मान करें और उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं दें. उन्होंने कहा कि बच्चों और नाती-पोतों को अच्छे संस्कार देना बेहद जरूरी है ताकि वे आगे चलकर अच्छे इंसान बन सकें. कार्यक्रम के दौरान कई लोगों की वृद्धा पेंशन संबंधी समस्याओं का मौके पर समाधान किया गया. मौके पर पीएलवी शाहिद हुसैन, जितेंद्र राम, इजहार अहमद, रोहित कुमार, अजहर अहमद, गेंदो उरांव, मांगो उरांव, बसंती उरांव, सुखमणि उरांव, दयामनी उरांव, चैती उरांव, लालो उरांव, शिखर उरांव, गणेश लोहरा, किशुन उरांव, बरिया देवी, बरी उरांव, सोमारी उरांव, सुखु देवी, खुदिया उरांव, सुमित्रा उरांव, लक्ष्मी उरांव समेत अन्य लोग उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SHAILESH AMBASHTHA

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