साइबर ठगों के निशाने पर लोहरदगा डीसी, फर्जी व्हाट्सएप आईडी बनाकर भेजे जा रहे भ्रामक संदेश
लोहरदगा डीसी संदीप कुमार मीणा के नाम पर बनाई गई व्हाट्सएप आईडी. फोटो: प्रभात खबर
साइबर अपराधियों ने लोहरदगा के उपायुक्त संदीप कुमार मीना को निशाना बनाया है. उनके नाम और फोटो का दुरुपयोग कर फर्जी व्हाट्सएप आईडी बनाई गई है, जिससे भ्रामक संदेश भेजे जा रहे हैं. जिला प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है.
लोहरदगा से गोपी कृष्ण कुंवर की रिपोर्ट
Lohardaga News: झारखंड के लोहरदगा जिले में साइबर अपराधियों ने अब जिला उपायुक्त (डीसी) संदीप कुमार मीना को ही अपना निशाना बना लिया है. उनके नाम और फोटो का दुरुपयोग कर फर्जी व्हाट्सएप आईडी बनाई गई है. इस फर्जी आईडी के जरिए लोगों को भ्रामक संदेश भेजे जा रहे हैं और कॉल भी किए जा रहे हैं. मामले की जानकारी सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने आम नागरिकों को सतर्क रहने की अपील की है और किसी भी संदिग्ध संदेश या कॉल पर भरोसा नहीं करने को कहा है.
जिला प्रशासन ने जारी की आधिकारिक चेतावनी
जिला प्रशासन की ओर से जारी सूचना में बताया गया है कि किसी असामाजिक तत्व ने उपायुक्त संदीप कुमार मीना के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल तैयार की है. इस प्रोफाइल के माध्यम से लोगों से संपर्क किया जा रहा है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उपायुक्त की ओर से इस प्रकार का कोई संदेश या कॉल नहीं किया जा रहा है. इसलिए यदि किसी व्यक्ति को ऐसे संदेश प्राप्त होते हैं, तो उन्हें पूरी तरह संदिग्ध मानते हुए सावधानी बरतनी चाहिए.
इस अंतरराष्ट्रीय नंबर से आ रहे हैं संदेश और कॉल
प्रशासन के अनुसार, +66803091600 नंबर से "Sandeep Kumar Meena" के नाम पर व्हाट्सएप संदेश और कॉल किए जा रहे हैं. यह एक अंतरराष्ट्रीय नंबर है, जिसे साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है. जिला प्रशासन ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को इस नंबर से संपर्क किया जाता है, तो वह न तो किसी प्रकार की जानकारी साझा करे और न ही किसी निर्देश का पालन करे. ऐसे मामलों की सूचना तत्काल जिला प्रशासन या स्थानीय पुलिस को देने की अपील की गई है.
व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी साझा न करें
जिला प्रशासन ने लोगों को आगाह किया है कि साइबर अपराधी अक्सर सरकारी अधिकारियों, पुलिस, बैंक या अन्य प्रतिष्ठित संस्थाओं के नाम का दुरुपयोग कर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं. ऐसे में किसी भी अनजान नंबर से आए संदेश या कॉल पर विश्वास न करें. खासकर आधार नंबर, बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें. थोड़ी सी लापरवाही आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है.
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सतर्कता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा उपाय
प्रशासन ने कहा है कि डिजिटल दौर में साइबर अपराध के तरीके लगातार बदल रहे हैं. इसलिए प्रत्येक नागरिक को जागरूक और सतर्क रहने की जरूरत है. किसी भी सरकारी अधिकारी के नाम से यदि पैसे मांगने, दस्तावेज भेजने या निजी जानकारी देने का दबाव बनाया जाए, तो पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि अवश्य करें. संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत प्रशासन या पुलिस को सूचित करें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और अन्य लोग भी ठगी का शिकार होने से बच सकें. जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अफवाहों से बचें, केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और साइबर सुरक्षा संबंधी सावधानियों का पालन करते हुए सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाएं.
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