खरीफ फसल में भी ठगे जायेंगे किसान

Updated at : 03 Jun 2017 9:31 AM (IST)
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खरीफ फसल में भी ठगे जायेंगे किसान

18 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार का कार्य लोहरदगा : कैरो एवं भंडरा प्रखंड क्षेत्र के दर्जनों गांव के लोग इस वर्ष भी नंदिनी जलाशय से निकली नहरों से सिंचाई नहीं कर सकेंगे. किसानों को इस वर्ष भी क्षेत्र में तीन नहरें रहने का लाभ नहीं मिल सकेगा. इस वर्ष भी किसानों को नहर […]

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18 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार का कार्य
लोहरदगा : कैरो एवं भंडरा प्रखंड क्षेत्र के दर्जनों गांव के लोग इस वर्ष भी नंदिनी जलाशय से निकली नहरों से सिंचाई नहीं कर सकेंगे. किसानों को इस वर्ष भी क्षेत्र में तीन नहरें रहने का लाभ नहीं मिल सकेगा. इस वर्ष भी किसानों को नहर से पटवन के नाम पर निराशा ही हाथ लगेगी.
ज्ञात हो कि नंदिनी जलाशय से निकली नहरों का जीर्णोद्धार का कार्य 18 करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है. जीर्णोद्धार कार्य 2014-15 में शुरू कराया गया था जो अब तक पूरा नहीं हो सका है. नंदिनी जलाशय से निकली तीनों नहरों से कैरो प्रखंड क्षेत्र के ख्वास अंबवा, नरौली, खंडा, उत्तका, कैरो, नयाटोली, एड़ादोन, पतराटोली, अकाशी, सढ़ाबे, जामुनटोली, विराजपुर, नगड़ा, बंडा, उरांव बंडा सहित कई गांवों के हजारों एकड़ जमीन सिंचित होते हैं.
संवेदक द्वारा जीर्णोद्धार कार्य तीन वर्षों में भी पूरा नहीं किये जाने से हजारों एकड़ में लगने वाले रबी फसल किसान नहीं लगा सके. खरीफ मौसम में भी किसानों को नहर का लाभ नहीं मिल सकेगा. जब तीनों नहरों में पानी रहता था जीर्णोद्धार कार्य में संवेदक द्वारा सिर्फ मिट्टी का काम किया गया है. क्षेत्र के किसानों को चिंता है कि इस वर्ष भी संवेदक द्वारा नहर का निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया तो खरीफ फसल भी नहीं हो पायेगा. क्षेत्र के किसान काफी मेहनती हैं. खरीफ एवं रबी फसल के अलावे भी बड़े पैमाने पर सब्जी की खेती किसान करते थे लेकिन निर्माण कार्य पूरा नहीं होने से किसानों के समक्ष आर्थिक लाभ का स्रोत भी बंद हो गया है. किसान वर्ग के लोग परेशान हैं. यदि जीर्णोद्धार कार्य में तेजी लाकर जल्द काम पूरा नहीं किया गया तो किसान आंदोलन को विवश होंगे.
संवेदक सिर्फ देते हैं आश्वासन
उपप्रमुख दिलीप सिंह का कहना है कि इतनी महत्वपूर्ण नहर को संवेदक द्वारा आधा अधूरा छोड़ दिये जाने से लोगों को खेती करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई बार संवेदक को नहर जीर्णोद्धार का कार्य तेजी लाने के लिए बोला गया है लेकिन कार्य में तेजी नहीं लाया जा रहा है. संवेदक द्वारा सिर्फ कार्य पूरा कर करने का आश्वासन दिया जा रहा है.
किसान नहीं कर पा रहे अच्छी खेती. नहर जीर्णोद्धार कार्य धीमी गति से चलने के कारण किसान अपने खेतों में मनचाही खेती नहीं कर पा रहे हैं. कैरो गांव निवासी खलील अंसारी का कहना है कि नहर जीर्णोद्धार कार्य शुरू होते ही किसानों के चेहरे में खुशी दिखने लगी थी.
लेकिन धीमी गति के कारण किसानों का मनोबल टूटता जा रहा है. उतका गांव निवासी कलेश महली का कहना है कि तीनों नहरों में काम शुरू होने से उम्मीद थी कि घर में खेतीबाड़ी कर रोटी-रोजगार मिल जायेगा कैरो निवासी मोती साहु का कहना है कि जब नहर में पानी चलता था. क्षेत्र के किसान रबी, खरीफ एवं सब्जी उत्पादन कर स्वावलंबी थे.
खरीफ मौसम में भी हम किसान ठगे महसुस कर रहे हैं. पंचायत समिति सदस्य शरत कुमार विद्यार्थी का कहना है कि समझ में नहीं आ रहा है कि यह योजना कितने सालों में पूरा किया जाएगा. उत्तका गांव निवासी आदित्य गोप का कहना है कि संवेदक पर न तो स्थानीय जनप्रतिनिधि का दबाव रहा और न प्रशासनिक अधिकारी का.
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