10 साल में भी नहीं बन पाया बंडा पुल

Updated at : 01 Jun 2017 11:05 AM (IST)
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10 साल में भी नहीं बन पाया बंडा पुल

बरसात के िदनों में कैरो प्रखंड़ के कर्मी 33 किमी दूरी तय कर अॉफिस पहुंचते हैं कैरो- लोहरदगा : कैरो प्रखंड क्षेत्र के कंदनी नदी में अधूरा बंडा पुल लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है. इस पुल का निर्माण 2007-08 में लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से शुरू किया गया था. […]

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बरसात के िदनों में कैरो प्रखंड़ के कर्मी 33 किमी दूरी तय कर अॉफिस पहुंचते हैं

कैरो- लोहरदगा : कैरो प्रखंड क्षेत्र के कंदनी नदी में अधूरा बंडा पुल लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है. इस पुल का निर्माण 2007-08 में लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से शुरू किया गया था. निर्माण कार्य ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल द्वारा कराया जा रहा था. पुल निर्माण की जिम्मेवारी रेहला पलामू के एक संवेदक को दी गयी थी. संवेदक द्वारा निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पुल के बन जाने से कैरो प्रखंड क्षेत्र के दर्जनों गांव सहित भंडरा प्रखंड कई गांवों के लोगों को आवागमन में सुविधा होती, लेकिन पुल का निर्माण 10 वर्षों में भी पूरा नहीं हो सका.

कैरो प्रखंड मुख्यालय से इस रास्ते जिला मुख्यालय की दूरी मात्र 17 किमी है जबकि भंडरा एवं कुडू की ओर से जिला मुख्यालय की दूरी 33 किमी है. सूखे मौसम में तो लोग किसी प्रकार नदी पार कर भंडरा बाजार एवं लोहरदगा जाते हैं, लेकिन बरसात के मौसम में क्षेत्र के लोगों को पुल के अभाव में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. इस मौसम में सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को होती है. चूंकि आज भी कैरो प्रखंड क्षेत्र का मुख्य बाजार भंडरा बाजार ही है, जहां किसान अपनी उत्पादित वस्तु बेचते हैं.

बरसात के मौसम में पुल के अभाव में इस रास्ते आवागमन बंद कर देना पड़ता है. कैरो प्रखंड कार्यालय पदस्थापित पदाधिकारी, कर्मियों के लिए आवास की व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण अधिकांश पदाधिकारी कर्मी इसी रास्ते लोहरदगा से आना-जाना करते हैं. बरसात के दिन में इन अधिकारियों, कर्मचारियों को 33 किमी की दूरी तय कर कैरो प्रखंड कार्यालय जाना पड़ता है. कैरो प्रखंड से सटे बंडा सहित अन्य कई गांवों के विद्यार्थी भी कैरो हाई स्कूल में ही पढ़ते हैं. इन विद्यार्थियों को बरसात के दिनों में कठिनाई झेलनी पड़ती है. विद्यार्थियों के साथ अभिभावक भी परेशान होते हैं. विद्यालय में पढ़ने वाले बड़े बच्चे तो किसी प्रकार नदी पार कर स्कूल चले जाते हैं लेकिन छोटे बच्चों को मजबूरन स्कूल बंद कराना पड़ता है. बंडा पुल निर्माण कराने को लेकर क्षेत्र के लोग स्थानीय जनप्रतिनिधि से लेकर प्रशासनिक पदाधिकारियों तक को इसके लिए आवेदन दे चुके हैं लेकिन कोई कारवाई नहीं हुई. पुन: बरसात का मौसम पहुंचने वाला है. क्षेत्र के लोग बंडा पुल निर्माण को लेकर आपस में चर्चा कर रहे हैं. सभी का एक ही कहना है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं जिले के वरीय पदाधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे हैं. विभाग द्वारा रिटेंडर का आश्वासन दिया जाता है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

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