राशि निकासी के बाद भी नहीं बना बंडा पुल

Updated at : 19 Jan 2016 7:14 AM (IST)
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राशि निकासी के बाद भी नहीं बना बंडा पुल

लोहरदगा : जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर भंडरा एवं कैरो प्रखंड क्षेत्र की सीमा पर नंदनी नदी पर अधूरा बना पुल लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है. वित्तीय वर्ष 2007-08 में एक करोड़ 24 लाख 74 हजार रुपये की लागत से पुल का निर्माण प्रारंभ हुआ. कार्य ग्रामीण विकास विशेष […]

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लोहरदगा : जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर भंडरा एवं कैरो प्रखंड क्षेत्र की सीमा पर नंदनी नदी पर अधूरा बना पुल लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है. वित्तीय वर्ष 2007-08 में एक करोड़ 24 लाख 74 हजार रुपये की लागत से पुल का निर्माण प्रारंभ हुआ.
कार्य ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल से कराया जा रहा था. कार्य के संवेदक बीके ट्रेडर्स रेहला पलामू को निर्माण कार्य की जिम्मेवारी सौंपी गयी. किंतु ठेकेदार ने निर्माण के नाम पर पीलर खड़ा कर दिया, इसके बाद काम बंद पड़ा है. निर्माण कार्य के एवज में 51 लाख 49 हजार 600 रुपये की निकासी भी कर ली गयी है. निर्माण कार्य की पूर्ण होने की तिथि 14.06.2008 दर्शाया गया है.
संवेदक को विभाग से बार-बार कार्य कराने का निर्देश दिया गया. लेकिन संवेदक ने कार्य पूरा नहीं कराया. इससे लेकर विभाग ने संवेदक का एकरारनामा रद्द कर दिया और जमानत राशि जब्त कर ली है. संवेदक द्वारा डब्ल्यूपी नंबर 7600/2011 को उच्च न्यायालय में याचिका दायर किया है, जिससे निर्माण कार्य खटाई में पड़ गया.
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
नंदनी नदी में बंडा के समीप अधूरा पुल निर्माण को लेकर लोगों ने प्रतिक्रिया यक्त की है. भाजपा नेता विशेश्वर प्रसाद दीन का कहना है कि पुल निर्माण हो जाने से जिला मुख्यालय की दूरी मात्र 16 किलोमीटर हो जाता. जिससे क्षेत्र के लोग आसानी से जिला मुख्यालय के संपर्क में रहते.
राजमोहन राम का कहना है कि कैरो प्रखंड मुख्यालय तथा कैरो बाजार इस गांव तथा आसपास के गांवों के लिए मात्र दो किलोमीटर पड़ता है. पुल के अभाव में हम लोगों को अकाशी, नरौली के रास्ते 11 किलोमीटर की दूरी बेवजह तय करनी पड़ती है. बंडा निवासी तबरेज का कहना है कि हम लोगों का गांव भंडरा प्रखंड मुख्यालय से 12 किलोमीटर की दूरी पर है. जबकि कैरो बाजार मात्र दो किलोमीटर है. हम लोगों का मुख्य बाजार भी कैरो है. पुल निर्माण नहीं होने से इसका खामियाजा क्षेत्र के लोगों को भुगतना पड़ रहा है.
एनामुल मिरदाहा का कहना है कि बराबर नदी में पानी रहने के कारण हम लोगों को यदि दवा भी लेना हो तो 12 किलोमीटर भंडरा जाना पड़ता है. जबकि आम तौर पर हम लोग कैरो पर निर्भर हैं. गौहर मिरदहा का कहना है कि बंडा गांव तथा आसपास के ग्रामीण खेती पर निर्भर हैं. कृषि उपज पुल के अभाव में सही मूल्य पर नहीं बेच पाते हैं. पुल के निर्माण हो जाने पर बाहरी व्यापारी यहां आते. जिससे हम लोगों को अच्छा मुनाफा भी मिलता और परेशानी से भी बचते.
पुल का निर्माण होगा : कार्यपालक अभियंता
विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता गगनदेव बैठा का कहना है कि पुल निर्माण हरसंभव प्रयास किया जा रहा है. संवेदक द्वारा मामले को कोर्ट में ले जाने के बाद नये पुल निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया गया है.
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